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150 रुपए में मिल रहे मंज़िल के टुकड़े, तीन महीने में होता है 10 लाख का बिज़नेस, यहां मिल रहे मंज़िल के सभी टुकड़े


आलोक कुमार/गोपालगंज. समुद्र का मौसम चल रहा है। गुनगुनी धूप के बीच ठंड का सितम जारी है। रात को ठंड से बचना और शरीर को गर्म रखना के लिए कंबल और रजाई बेहद जरूरी है। बाज़ार में इसका डिज़ाइन भी बहुत बढ़ गया है। सेमेस्टर टाइम लोग सबसे पहले इसकी गुणवत्ता और कीमत पर ध्यान देते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले समेटे हुए अंबानी पाए जाते हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर कम दाम में भी बेहतर कंबल मिल जाते हैं। अगर आप कम दाम में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण कंबल लेना चाहते हैं तो गोपालगंज से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आपको शहर के कमला राय कॉलेज के पास आना होगा। यहां आपको प्रस्थान दर पर एक से लेकर एक बेहतर कॉलेज मिल जाएगा। यहां 150 रुपये से लेकर 150 रुपये तक के क्‍लेंडर की रेंज शुरू हो गई है और आप चार हजार तक के क्‍लेंडर खरीद सकते हैं।

यूपी के डिप्टी सिटी रेजिडेंट कॉलेजिएट विक्रेता दिलशाद के वकील ने बताया कि पिछले पांच साल से गोपालगंज जिला मुख्यालय स्थित कमला राय कॉलेज के पास ठंड के मौसम में तीन सहयोगी कंपनी के सहयोगियों के साथ यहां आते रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की दुकान से गोपालगंज में दुकानें हैं। यहां आपको 150 रुपए से लेकर 4 हजार तक की सुविधा आसानी से मिल जाएगी। कोलमॅल के शोरूम झूला, तकिया, चार्ट, शॉल, सेंट, हॉट बेड श्रेणी और टेडी बियर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि एक सीजन में दस लाख रुपये की कमाई आसानी से कर ली जाती है. कोलमॅम की बेहतर गुणवत्ता के कारण ग्राहक ग्रेडिएंट हैं। अधिकांश लोग यहां साइंटिफिक ग्रेडिएंट हैं, क्योंकि कम दाम पर बेहतर कम्युनिटी मिलें हैं। इन रंगों को बनाने में ऊन, सूत और अन्य प्राकृतिक वनस्पतियों का प्रयोग किया जाता है।

सस्ते दामों पर रेलवे स्टेशन
दिलशाद ने बताया कि रेस्टलेस का कॉम्बैट अपनी बेहतर क्वालिटी के लिए ही जाना जाता है। यह लम्बाई प्रभाव बेहद गर्म और आरामदायक होता है। इन कॉलेजों का फर्म भी बेहद मजबूत है। एक खरीदकर कई वर्षों तक उपयोग किया जा सकता है। रेट होने के नाते सस्ते में ही दूर-दराज के इलाके के लोग कंबल खरीदकर ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि परमाणु ऊर्जा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। कोलमॅम का ढांचा भी अच्छा होना चाहिए और कीमत भी आपके बजट में होनी चाहिए। कंबल का आकार और रंग भी आपकी पसंद के अनुसार ही होना चाहिए। टुकड़ों से पहले कंबल को अच्छी तरह से देख लें कि कोई छेद या काम तो नहीं है।

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