. ठंड का मौसम हो और कुछ गर्मागर्म मिल जाए तो कहना ही क्या। रजाई में डुबके हुए दूध-बर्फी खाने का मजा ही कुछ और है। और अगर ये राक्षस हैं तो बात क्या है. हम बात कर रहे हैं पंजीरी के लोध की। इनका नाम अभिलेख ही मुंह में पानी आ जाता है। (रिपोर्ट-कपिल)
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