Homeदेश100 -120 किमी. की डॉक्युमेंट्री पीड से आ रिलेटेड शता स्टूडियो

100 -120 किमी. की डॉक्युमेंट्री पीड से आ रिलेटेड शता स्टूडियो


दिल्ली पहुंचने से पहले ट्रेन धीमी क्यों?. अन्य शहरों से 100-120 की डेडिकेटेड से वाली शता स्कूलदी, राजधानी, दूरांतो जैज़ क्लासी क्लास रेलगाड़ियां ही टुकड़ियां एक नाममात्र की होती हैं। कई बार आउटर में स्टेक हो जाते हैं और इस वजह से मदरसे पर भी तय समय से देरी से हंगामा होता है। यानी पूरे रास्ते में समय पर चलने वाली ट्रेन यहां से ली जाती है। वजह यह है कि, आउटर पर स्ट्राइक्स जारी रहती है, फ्लाइक सीमा में आते ही इसके डॉक्युमेंट्स पेड कम क्रेटियाँ हो जाती हैं? यहाँ जानें.

इस संबंध में प्रतिदिन रेलवे रेलवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार के साथ करीब 350 रेस्टॉरेंट का ऑपरेशन होता है। छुट्टियाँ बिताने वाली रेलगाड़ियाँ शाम को यहाँ से प्रस्थान करती हैं और सुबह आती हैं। मान्यताओं से करीब 6 लाख लोगों का नाम जुड़ा होता है। इनमें से सामान लोग सुबह ड्यूटी करने आते हैं और शाम को वापस चले जाते हैं। इन सभी को आरंभिक यात्रा रेलवे की जिम्मेवारी है।

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मुख्‍यत: दो चतुर्थांशों से रेलवे सेमेस्टर या प्‍लेलेटफॉर्म पर अंतिम चरण में प्रवेश होता है। पहला कारण ट्रैक से क्रॉस ओवर होता है। रेलवे उद्यमों के आसपास के यार्ड होते हैं और यहां पर ट्रेन क्रॉस ओवर होती है। ट्रेन की डॉक्यूमेंट्री 30 किमी में। प्रति घंटे की तय होती है. इससे अधिक मेडिकलपीड से ट्रेन चलती नहीं है। इस तरह 24 कोच की ट्रेन 30 किमी. की अंतिम तिथि क्रॉस ओवर करने में 3 से 5 मिनट लगे हैं। इसी वजह से यहां पर ग्रेजुएटीपीड साधारण हो जाता है।

वहीं, दूसरा कारण प्लेटलेट फॉर्म होता है। संबद्ध लोग ड्यूटी करने के लिए आते हैं, इसलिए रेलवे की प्राथमिकता यह है कि ट्रेन को एक ही प्लेट फॉर्म में लगाया जाए, जहां पर रोज दिखता है। उदाहरण के लिए नई लाइन में 16 प्लेट फॉर्म हैं, एक साथ दो ट्रेन आउटर पर पहुंच गए। पहले एक ट्रेन को उसी प्लेटलेट फॉर्म में इस्तेमाल किया जाता था,उसके जाने के बाद दूसरी ट्रेन को उसी प्लेटलेट फॉर्म में इस्तेमाल किया जाता था। इसी तरह कई बार आउटर पर समय से आई ट्रेन को इंजार करना पड़ता है।

स्टेशन प्रबंधक निर्णय लेता है

किस नोट्स को आउटर पर रोका जाए और किस प्लेटफॉर्म पर लाया जाए, इसका निर्णय स्टेशन मैनेजर करता है। स्टेशन प्रबंधक का यह निर्णय इस आधार पर होता है कि कौन सी ट्रेन पहले से चल रही है। कोशिश की जाती है कि जो ट्रेन पहले से छोड़ दी गई है उसे रोककर टाइम पर चल रही स्कॉलरशिप को प्लेटलेट फॉर्म पर बचा लिया जाए। उहारण के लिए किसी भी एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन के साथ आउटर पर शाता रेलवे स्टेशन, राजधानी या प्रीमियम प्रीमियम ट्रेन का ऑफर है तो पहले प्रीमियम ट्रेन को जारी किया जाएगा।

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