25 साल की अनमोल जब संग्रहालय में हैं और अपनी हवेली में हैं तब मनो स्टेज भी अपने पर होते हैं! हालाँकि अनमोल कहानियाँ हैं कि जब वह बस-ट्रेन में बैठती हैं तो लोग दूर हट जाते हैं जैसे उन्हें कोई साधारण बीमारी हो जाती है। लेकिन अनमोल कुछ भी नहीं, बस अपनी खूबसूरत खूबसूरत दुकानें हैं। आप सोचेंगे कि ऐसा क्यों है कि सुपरस्टार कैटवॉक करने वाली एक मॉडल को देखने वाले लोग सकुचाने लगे हैं.. हां, आप हैरान हो रहे हैं, सिर खुजाना लाजिमी है। अनमोल एसिड अटैक सर्वाइवर हैं।
एसिड का शिकार हुआ अनमोल अपने ही पिता के हाथों एसिड का शिकार हुआ अनमोल। उन्हें 2 महीने की उम्र हो गई थी जब उनके पिता को मां पर एसिड डाल दिया गया था। वह तब माँ की गोद में सो रही थी। पापा अचानक घर के अंदर घुसेड़े और मां पर एसिड की बोतल डाल दी। अनमोल की माँ ने जो एसिड गिराया, वह एक बार फिर से जल गई और झुलस गई। ऐसी स्थिति में मां और बेटी को उनके पड़ोसियों ने ही अस्पताल में भर्ती कराया। माँ इस इलाज के दौरान जीवित नहीं बचेगी। लेकिन अनमोल बच गए. अनमोल कहानियाँ हैं कि लंबे समय तक अस्पताल में उनका घर बना रहा और नर्सें उनकी माँ बनी रहीं। वह इतनी छोटी थी कि उस वक्त का उन्हें कुछ भी याद नहीं था।
अस्पताल में नर्सों के बीच गुजरात जीवन
अनमोल के जीवन के ये शुरुआती साल गुजरे पर ऐसी जगह है जहां लोग आना भी पसंद नहीं करते। फिनाइल के मलबे और खून और घाव को देखकर लोग जहां जहां से आने जाने में परेशानी होती है वहां वह अपने शिशु-जीवन को गुज़ारती रहती है। बड़ी हो रही है. अनमोल ने पांच साल वहां गुजराते। बाद में उन्हें अनाथालय भेज दिया गया। अनाथालय में वह बाकी बच्चों के बीच हंसती खेलती बोलती बड़ी याद आ गई। हर त्यौहार में बच्चों की तरह-तरह की तैयारियाँ होती हैं और साजती संवरती। बस एक फ़ेक किया गया- उन्हें स्टेज पर जाने का मिशन नहीं था…
अनमोल को डांस करना, बढ़िया-अच्छे पंजाबना बहुत ही अच्छा लगता था। लेकिन वह फिर भी स्टेज पर नहीं जा सके. उनका कहना है कि सबसे बाद में उन्हें इस बात की वजह पता चली। वे इसलिए उन्हें प्रशिक्षित नहीं करते थे कि जहां भी वह खुद को जांचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाएं तो सहना मुश्किल होगा। अनमोल कहते हैं कि जब वह कॉलेज जाती थी तब उन्हें यह ‘पता चलता था’ कि वह ‘अगली’ (बदसूरत) होती थीं। ना कोई दोस्ती की तैयारी थी ना कोई कन्फर्ट टेबल होता है. कारण यही कि वह सबसे अलग दिखती थी. वह कॉलेज में सबसे आखिरी बेंच पर अकेली ही रहती है और कॉलेज की क्लास में सबसे आखिरी बेंच पर अकेली ही रहती है। उनका कहना है कि मैं खुद को सबसे ज्यादा अजेय बनाए रखने की कोशिश करता हूं। काफी हद तक दबे इलेक्ट्रान क्लास में घुसडें और लेक्चर के दौरान टीचर से कोई सवाल नहीं होता जिसका परिणाम यह भी हुआ कि पढाई में घुड़दौड़ में भी ऐसा हुआ। इसके बाद कॉलेज जाना बंद हो गया और अंत: वह फेल हो गया।
वकील ने कहा- शकल की वजह से काम पर फोकस नहीं कर सके
मगर, अनाथालय में सभी की पढ़ाईअफजाई के बाद उन्होंने स्कूल की पढ़ाई और नौकरी शुरू कर दी लेकिन फिर अचानक अनाथालय के लोगों ने उन्हें काम पर जाने से रोक दिया। उन्हें शायद यह कहा गया है कि उनके ऑफिस के लोग काम पर फोकस नहीं कर रहे हैं…उनकी कंपनी के स्कूल को लेकर एप्लॉयज ने शिकायत की थी… मुसीबत के दिनों में बस उन्होंने एक दिन फेसबुक पर पहली बार अपनी फोटो शेयर कीं। फूल या तस्वीर लगी हुई थी. तब पहली बार अपनी खुद की तस्वीर और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना। रात में फोटो कलाकारों ने सुबह-सुबह लोगों ने ढेरों कमेंट्स के जरिए उधेडअफजाई की हुई थी। इसी बीच एक दिन एक यूनिवर्सिटी से एक प्रोजेक्ट के लिए स्टोरेज का ऑफर आया।
यह उनकी जबरदस्त खबर थी जहां उनके स्कूल की वजह से लोग उन्हें नौकरी पर भी नहीं रख रहे थे वहीं वह अब रिजर्वेशन पर चलने वाली थीं। धीरे-धीरे उन्हें और ऑफर आते रहें। अब अनमोल सुपर मॉडल्स के बीच में चलती रहती हैं मूर्तियां। हालाँकि वह यह भी बताती हैं कि फैशन इंडस्ट्री में लोग खुद को नेकनीयत तक पहुँचाने के लिए कई बार गणतंत्र पर एसिड अटैक सर्वाइवर या हैवी बॉडी वाली और टोन्स को ले लेते हैं। पेट्रोल की बात चलती है तो कहते हैं- तीन बड़े लोगों के बीच चलने की बात मिलती है ये ही बड़ी है. मगर अनमोल का कहना है कि ऐसी बातें उन्हें दुख जरूर देती हैं लेकिन वह इस दुख को झाड़-फूंक कर नहीं छोड़ते और बस से चलते हुए जा रहे हैं। जानवरों की टेढ़ी मेढ़ी राजधानी पर उन्होंने शायद अब चलना सीखना शुरू कर दिया है…
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टैग: एसिड अटैक, महिलाओं के खिलाफ अपराध, महिला सशक्तिकरण
पहले प्रकाशित : 20 दिसंबर, 2023, 11:25 IST
