आखिरी बड़कुल/दमोह: मौसम में आए बदलाव के बदलाव अब पारे में भी गिरावट का साफ तौर पर आकलन किया जा रहा है। जिस कारण उत्तर प्रदेश के दमोह जिले में ठंड बढ़ गई है। यह बोल्ड कोल्ड हार्ट अटैक के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। इस बीमारी से ग्रसित मरीज़ के घर में ख़ून में खटास आने लगती है। जिस वजह से ज्यादातर डॉक्टर खून को हल्के से रखते हैं, इसके लिए सहजन के फूल की सब्जी, इसके हरे रंग का भोजन और कोन्से खाने की चीज दी जाती है।
वडोदरा के ग्रामीण क्षेत्र में सहजान को मुंगा बोला जाता है। इसे पूरा पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। आयुर्वेद में इस पेड़ को अमृत के समान माना गया है। जिसका उपयोग कई औषधियों को बनाने में किया जाता है। सहजन में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ग्लूकोज से एंटी-गैल्फ, एंटी-वायरल, एंटी-डिप्रेसेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रमुख होते हैं।
जानिए कैसे करें इन फूलों का सेवन
सहजन के पेड़ क्षेत्रीय क्षेत्र में आसानी से मिल जाते हैं। इसके फूल बेहद गर्म होते हैं, जो ख़ून को नमकीन बनाने में रुचि रखते हैं। इन फूलों की वनस्पति,उबलकर या फिर पूरे में इनका सेवन किया जा सकता है। दीप्ति नामदेव ने कहा कि सहजन एक ऑल इन वन हर्ब है। यह पेड़ के पत्ते, पुतले और फल, एंटीबायोटिक, एनालजेसिक, हेपेटाइटिस, एंटी-इंफ्लेमेटरी एंटीकैंसर, एंटी-डायबिटिक, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीजिंग के रूप में काम करता है। इसके चिप्स बनाकर भी खाया जा सकता है। हार्ट अटैक के मरीज़ ठंड के दिनों में इन सफेद फूलों का सेवन कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन की मात्रा पर्याप्त होती है। इस कारण से लोग शाकाहारी आहार का सेवन करते हैं। इससे शरीर में प्रोटीन की कमी दूर होती है।
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पहले प्रकाशित : 21 दिसंबर, 2023, 17:50 IST
