उत्तर
भारत में कोरोना के नए संस्करण JN.1 का संक्रमण तेजी से हो रहा है।
लोगों के मन में कोविड-19 को लेकर एक बार फिर डर लग रहा है।
कोविड-19 नया वैरिएंट JN.1 लक्षण: दुश्मनों का नया स्ट्रेन दुनिया के कई देशों में और लोगों पर हमला कर रहा है। भारत में कोविड के नए भिन्न-भिन्न जेएन.1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में कोविड के 300 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और इससे 3 लोगों की मौत हो गई है. लगातार नये बदलावों में बढ़ोतरी हो रही है और इस पर नजर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जारी करने की मांग की है। वैसे तो वर्ल्ड हेल्थ हेल्थकेयर हेल्थकेयर (WHO) ने इस भिन्नता को बेहद घातक नहीं माना है, लेकिन हेल्थ स्टडीज की डिग्री तो यह बेहद घातक हो सकती है। ऐसे में लोगों को किसी भी तरह के वैराइटी में शामिल नहीं किया जा सकता, अन्यथा कोविड की नई लहर का खतरा बढ़ गया है।
कोविड को लेकर वैश्विक स्तर पर लोगों के बीच स्वास्थ्य देखभाल में बढ़ोतरी हुई है। उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में इस मौसम का मौसम चल रहा है और इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार समेत फ्लू के मामले भी सामने आते हैं। कुछ इसी तरह के लक्षण कोविड संक्रमण के भी होते हैं। इस वक्ता में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या कोविड के नए प्रकार के लक्षण होते हैं और किस तरह समझाया जाए कि किसी व्यक्ति को JN.1 का संक्रमण हो गया है। इस बारे में डॉक्टरों से जरूरी बातें जान लें।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिवहेल्थ एंड वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. सोनिया रावत के अनुसार कोविड का वायरस कॉन्स्टेंट म्यूटेट रहता है और नए-नए भिन्न-भिन्न प्रकार का होता रहता है। नए हर भिन्न पहले की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है। ऐसे में लोगों को कोविड के भिन्न-भिन्न जेएन.1 को सावधानी बरतनी चाहिए। कोविड के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को पुराने कोविड मास्क का पालन करना चाहिए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। लोगों को बाहर जाने पर स्पीकर मास्क लगाना चाहिए और प्लांटर का इस्तेमाल करना चाहिए।
यूपी के लखनऊ स्थित अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के मेडिकल सेंटर डॉ. अजय कुमार के अनुसार कोविड वायरस के नए स्ट्रेन को JN.1 नाम दिया गया है। कोविड के ओमीक्रोन भिन्न-भिन्न प्रकार के सब-वेरिएंट BA.2.86 के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव हुआ है और इसके कारण JN.1 भिन्न-भिन्न पैदा हुआ है। ये जहाज़ सितंबर में पहली बार लक्ज़मबर्ग में रिपोर्ट किया गया था, जो अब भारत समेत कई देशों में चुका है। WHO ने भी इसे लेकर चिंता जाहिर की है. अब तक इस भिन्न के बारे में इतना ही कहा जा सकता है कि यह पुराने की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है और इससे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
कोविड के नये भिन्न भिन्न JN.1 के लक्षण
डॉ. अजय कुमार की राय तो कोविड के नए भिन्न-भिन्न लक्षण JN.1 के लक्षण भी पहले वाले जैसे ही भिन्न हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, गले में दर्द, नाक बंद होना, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ होना आदि कोविड के नए अलग-अलग लक्षण हैं। कुछ मामलों में लोगों का पेट खराब होना और सांस फूलने की शिकायत भी हो सकती है। अगर किसी को इस तरह के लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, ताकि वक्त रहते संक्रमण का पता चल सके।
जेएन.1 के लक्षण कितने अलग हैं?
डॉक्टर सोनिया रावत का कहना है कि फ्लू के कई लक्षण, जैसे कि सीओवीआईडी के नए रूप होते हैं, लेकिन कोरोना का संक्रमण बार-बार तेज बुखार हो सकता है और आपको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। आमतौर पर फ्लू में फ्लू-जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं, जो 3-4 दिन में ठीक हो सकते हैं। कोविड का संक्रमण होने से लोगों को अत्यधिक परेशानी हो सकती है। ऐसे में आपको सही वजह का पता लगाने के लिए अपना टेस्ट कराना होगा। अगर आपको 3-4 दिन से लगातार बुखार आ रहा है और कोविड जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत जांच कराएं।
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पहले प्रकाशित : 21 दिसंबर, 2023, 12:39 IST
