उत्तर प्रदेश, राजभाषा और छत्तीसगढ़ के विधान सभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी आम चुनाव से पहले भारतीय गठबंधन को मजबूत करने में लगी हुई है ताकि अंतिम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को टक्कर दे सके। कांग्रेस पार्टी के इस सहयोगियों पर ग्रहण लगता है नजर आ रहा है और इसकी वजह यह है कि आप इसे बना रहे हैं। वैसे तो सभी गठबंधन के साथ आना है लेकीन सारा पेच सीट शेयरिंग को लेकर फंसता नजर आ रही है, रियोक क्वेश्चन कोई भी राजनल पार्टी कांग्रेस को लॉन्च करने का मौका नहीं दे रही है। इसमें सबसे हालिया म्यूज़ियम पाइल्स कांग्रेस को पेज यम बंगाल, पंजाब और द पाइलली में आनी वाली है। हरियाणा में भी कांग्रेस का ऐसा हाल है वहां भी कांग्रेस के विवादित नेता आम आदमी पार्टी के साथ नहीं जाते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के आलाकमान के साथ बैठक के बाद पार्टी के नेताओं का कहना है कि ‘सामूहिक गठबंधन’ होना चाहिए और आम चुनाव में 6-8 बजे बंगाल में ममता बनर्जी का झुकाव कहा गया है, जबक पहले मंगलवार को हुई भारतीय गठबंधन की बैठक में ने कांग्रेस के ल्या 2 तीर्थयात्रा की बात कही थी.
भारतीय गठबंधन की बैठक में जिसने भी सहमति व्यक्त की, उसकी बाकी बातों की घोषणा आगामी आम चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बजाय अकेले मैदान में उतरने की इच्छा है। वैसे दोनों दल ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं। विवरण से लेकर अन्य जानकारी के अनुसार, आपने पंजाब विधानसभा चुनाव में भारी जीत के साथ सत्ता हासिल की है, जिसमें 117 सीटों वाली कांग्रेस की जीत और कांग्रेस की सिर्फ 18 सीटों पर जीत शामिल है। फर्मे खेमे के समर्थकों ने कहा कि कांग्रेस भी पंजाब में आप के साथ बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने की चाहत रखती है।
मंगलवार को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में 28 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के लिए कहा, जनवरी के मध्य तक लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था पर अंतिम सहमति बनी की. साल 2020 में आपने दिल्ली की 70 वीं सदी की 62 सीटों पर तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। हालाँकि, पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अधिकारी ने कहा कि आप राष्ट्रीय राजधानी की सातवीं लोकसभा सीट से तीन कांग्रेस के लिए निकलने को तैयार हैं।
ईसाई खेमे का मानना है कि कांग्रेस और आप के पास अकेले गठबंधन और त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के बजाय एक टीम के रूप में राष्ट्रीय राजधानी में अधिक से अधिक सीटें जीतने की बेहतर संभावना है। वर्ष 2014 और 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने दिल्ली की सभी पार्टियों को वोट दिया। सातवोमसीटेरेथी. 2019 में कांग्रेस और आप के संयुक्त वोट भाजपा से काफी कम थे। पंजाब और दिल्ली में सीटों पर चर्चा 30 दिसंबर के बाद होने की संभावना है।
हरियाणा का हाल क्या है?
वहीं अगर बात करें गठबंधन गठबंधन ‘इंडिया’ की तो ‘जमग घाट’ के बीच कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह डीलर ने रविवार को कहा कि यह देखने को मिलेगा कि हरियाणा में कौन सी पार्टी क्या और किस आधार पर दावा करती है। चुनाव से पहले चुनाव से पहले सीट विवाद को लेकर कहा गया है कि कौन क्या दावा कर रहा है, उस दावे का आधार क्या है, उसका मानक क्या है, इसके लिए हम बैठेंगे और निर्णय लेंगे…नहीं तो हम सभी 10 (लोकसभा) लाभ पर दावा करेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) भी फ्रैंचाइज़ ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हो सकता है, डेयरी ने कहा, ‘यह अभी तक गठबंधन का हिस्सा नहीं है और यह उन्हें (गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं) को तय करना है . उन्होंने कहा कि मुझे किसी से कोई मतलब नहीं है।
‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों की मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सीट-बंटवारे की बातचीत राज्य स्तर पर होगी और अगर कोई ढांचा है, तो गठबंधन अपना नेतृत्व समाधान करेगा। फ़्राईरी ने सितंबर में कहा था कि उनकी पार्टी विपक्ष और विधानसभा दोनों चुनाव में अपने दम पर जीत हासिल करने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस अगले साल आम चुनाव में हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि आम आदमी पार्टी का राज्य में कोई आधार नहीं है, इसलिए सीट आराम की मांग में उसकी कोई हिस्सेदारी नहीं है।
कांग्रेस ने बंगाल के नेताओं की बैठक की
नेतृत्व कांग्रेस ने विपक्ष चुनाव की ओर से बुधवार को पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राज्य में प्रगतिशील सभी ताकतों को एकजुट किया जाएगा। बैठक में खड़गे और राहुल गांधी के अलावा पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, प्रदेश प्रभारी ए चेल्ला कुमार और कई अन्य नेता मौजूद थे.
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पहले प्रकाशित : 21 दिसंबर, 2023, 05:08 IST
