
हमास का ‘लादेन’ इस्माइल नुकसान
पाकिस्तान पर हमास: गाजा पट्टी इजराइल और हमास के बीच जंग में जारी है। हालाँकि हमास अब अपनी हिस्सेदारी को भी बचा नहीं पा रहा है और बौखलाया इजराइल गाजा पर लगातार हमले करके हमास के सुरों से लेकर दूसरे कई हिस्सेदारी को मजबूत कर चुका है। हालांकि इस जंग में 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इसी बीच हमास की कमर भले ही इजराइल ने तोड़ दी हो, लेकिन हमास की ‘अकड़’ अभी तक नहीं गई। हमास का ‘लादेन’ कहे जाने वाले इस्माइल को नुकसान ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह परमाणु देश है और इस कारण पाकिस्तान इजराइल पर परमाणु हमले का खतरा दे।
इजराइल के विपक्षी मसूद ने एक बार फिर गाजा के शहरों को बदल दिया है। अब तक 20 हजार से ज्यादा लोगों के बारे में जानें। वहीं 50 हजार से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस लड़ाई में दो महीने से भी ज्यादा समय चुकाना पड़ा। 7 अक्टूबर को हमास ने इज़रायल पर तीन ओर से हमले कर जानलेवा तांडव किया था। इसके बाद इजराइल गाजा पट्टी में लगातार अनुयायी हैं।
हमास के ‘लादेन’ ने खेला मुस्लिम कार्ड
इसी बीच हमास के ‘ओसामा बिन लादेन’ कहे जाने वाले इस्माइल नुकसान ने पाकिस्तान से अपील की है कि वो इजराइल को परमाणु जंग की तरह खतरा दे। पाकिस्तान में हमास नेताओं और इस्लामिक स्कोलर्स के एक गुट में हमास के शीर्ष नेता इस्माइल नुकसानया ने भी निंदा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परमाणु स्वामित्व वाला देश है। अगर वो इजराइल को परमाणु युद्ध की धमकी दे तो इस जंग को खत्म किया जा सकता है। उसे मुस्लिम देश के समर्थन में आगे आना चाहिए।
डेंग हांकने में माहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान अपने परमाणु बम को ‘इस्लामिक एटम बम’ कहता आया है। इतना ही नहीं डेंग हांकता आ रहा है कि उसका परमाणु बम मुस्लिम देशों की रक्षा के लिए है। धर्म का कार्ड ये गेमर्स पाकिस्तान ने सऊदी अरब से लेकर करोड़ों डॉलर तक के हाथ से लूटे हैं। लेकिन उनकी इस झूठ की पोल हमास की वजह से खुल गई है। हमास लगातार पाकिस्तान से इजरायल के खिलाफ मदद की मांग कर रहा है।
हमास का लादेन इस्माइल नुकसान कौन है?
इस्माइल नुकसानया हमास का सौतेला भाई है। उन्होंने 2017 से ईशाल मेशाल के उत्तराधिकारी के तौर पर ये काम पकड़ा था। वो इन दिनों कतर की राजधानी दोहा में रहता है और कहाँ से हमास का सारा दृश्य दिखता है। क्योंकि मिस्र ने अपनी गाजा पट्टी आने पर अंकित स्टैक लगाया है। हमास के कई पेशेवर हैं, जो राजनीतिक, फौजदारी या सामाजिक कार्य-काज संभालते हैं।
