निक्की बड़कुल/दमोह.आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर अभिषेक खरे ने कहा कि आयुर्वेद की शोध विधि का उपयोग वाद्य रोग में विशेष रूप से किया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से धतूरा सीमित मात्रा में लिया जाए तो दवा काम करती है और शरीर को अंदर से गर्म करती है। इसके सेवन से आपकी शारीरिक क्षमता (शारीरिक शक्ति) कम हो जाती है।
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