Homeमनोरंजनआपका भी मुंह बंद हो गया है या फिर रह रहा है...

आपका भी मुंह बंद हो गया है या फिर रह रहा है कैंसर का डर, तो ये है मुंह से निकलने की सलाह


मोहन प्रकाश/सुपौल। वर्मन परिवेश में युवाओं में पान-मसाला खाने की बुरी लत लग रही है। ऐसे में लंबे समय तक सेवन से मुंह का बंद होना (मुंह का कम खुलना) की समस्या आम हो गई है। अगर आपके मुंह में चार पैर की अंगुली खड़ी नहीं है तो इसे मुंह की स्थिति बताएं। लेकिन एक छोटा सा काम रोज़ करने से इससे जुड़े उपकरण मिल सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी अन्य कई तरह के स्टूडियो से भी प्राप्त किया जा सकता है।

जिले के सिमराही पंचायत निवासी आयुर्वेदाचार्य रीतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति का माउथ कैंसर (मुंह खुलना बंदा) हो या साइनस, माउथ कैंसर, गले से ऊपर के किसी भी हिस्से में कोई समस्या हो, तो रोज सुबह ब्रूस बनाने के बाद 10 मिनट तक 10 मिनट तक मुंह में गुलगुलाने से (केवल प्रक्रिया) इन सभी क्रोमियम से क्रोमियम मिल जाता है। इन प्रोटोटाइप से गणितीय निष्कर्ष निकालने के लिए यह प्रक्रिया लगातार तीन महीने तक चलेगी।

छोटी से घरेलू पार्सल से बातचीत होगी दूर
उन्होंने बताया कि गले से ऊपर मुंह, नाक, कान, बाल सहित अन्य कई प्रकार के प्रभाव होते हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए बुहत ही साधारण घरेलू कारोबार है। अगर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इससे नाक, कान, मुंह और बाल झड़ने की समस्या दूर हो सकती है।

यह है कि घरेलू जड़ी-बूटियों के तेल को रोजाना सुबह-सुबह ब्रश या दातून से दांत साफ करने के बाद नियमित रूप से दो जिलों में 10 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के तेल को मुंह में रख लिया जाता है और उसे पान की तरह गुलगुलाना है। पांच मिनट के बाद रुकना है. ऐसा करने से आंख की खीची रेखा. साइनस की समस्या दूर होती है. सोचना नहीं पड़ेगा. जबड़ा नहीं आलू के साथ मुंह का कैंसर होने की आशंका भी काफी कम होगी.

यह भी पढ़ें: भाग्यशाली हैं ये 3 राशियां, नए साल में बनी नौकरी, शादी, रिश्ते का योग! ज्योतिषी से जानें सब

टैग: बिहार के समाचार, स्वास्थ्य समाचार, ज़िंदगी, स्थानीय18, सुपौल न्यूज़



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img