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इस बूंदी के लोधी के आगे के फल हैं साडी मिठाई के प्लांट, कोलोन, देशी घी और मेवे से होता है तैयार, कामम का स्वाद


अंजलि शर्मा/कन्नौज.बदरी का नाम दर्ज ही सभी के मुंह में पानी आ जाता है। आप भी लोध तो बहुत चिंतित होंगे, लेकिन कनौजिया ड्रमी के लोध का स्वाद ही अलग है। इस दूध का स्वाद ऐसा है कि अगर आप इस दूध का स्वाद चख के टुकड़े खाते हैं तो दूसरे उत्पाद का स्वाद आपको अलग-अलग लगेगा। मेवे से बनने वाला यह बूंदी का लोधी बिल्कुल अलग और स्वादिष्ट मसालों से बना है जो स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद भी साबित होता है।

सन स्वीट्स के मालिक राम शंकर ने बताया कि मेरी शॉप कान के बड़े बाजार में स्थित हैं। लोग दूर-दूर से यहां पर कई वैरायटी के लोध मिलते हैं। दुकान के मालिक बताते हैं कि हमारे यहां दो वैरायटी के ड्रमी के लोथ बनाए जाते हैं हम लोग अपने ही घर में तोड़ते हैं। ये दोनों ही लड़कों में देसी घी का असली प्रयोग होता है. साथ ही कोलोन के कोलोन का भी प्रयोग किया जाता है।

लोधी बनाने का पूरा तरीका

कनौजिया बूंदी के लोध में कोलोन की सुगंध भी महसूस की जा सकती है। गुलाब जल, केवड़ा और केसर इत्र बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। जिसमें सबसे पहले शुद्ध देसी घी का प्रयोग होता है। घी में बेसन का सादा आउटलेट जाता है जिसमें ड्रमर की पत्तियां होती हैं। फिर चाशनी बनाकर तैयार की जाती है. बूंदी के दो तरीके के लोध में एक साधारण और दूसरा मेवे वाला बूंदी का लोध बनता है। वहीं स्पेशल बूरी के लौध में कई तरह से मेवा जैसे काजू पिस्ता और बादाम के टुकड़े बनाए जाते हैं. इस लोध को बनाने में पानी की जगह गुलाब जल का प्रयोग किया जाता है और विशेष लोध का आकार आम लोध से बड़ा होता है जिसे ऑर्डर देने पर बनाया जाता है।

क्या है रेट

साधारण देसी घी के ड्रमी वाले लोध की कीमत ₹300 प्रति रियाल है तो वही स्पेशल मावा वाले ड्रमी के लोध की कीमत ₹500 प्रति रियाल है। लोग दूर-दूर से यह स्पेशल लोध ऑर्डर पर खरीदे जाते हैं। दोनों ही लड़कों में कैन के अतर का प्रयोग किया जाता है। वहीं लोध को पकाने के समय पानी का प्रयोग नहीं होता। गुलाब जल हाथों में आरक्षित गोल आकार दिया जाता है।

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