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चीन-उत्तर कोरिया को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी, जापान की तैयारी, ऋण सहायता 56 अरब डॉलर


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जापान ने 56 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी दे दी।
यह पिछले वर्ष का यूनिट करीब 16 प्रतिशत अधिक है।
इससे उत्तर कोरिया और चीन तक मार करने वालों की मिसाइलों में तेजी आएगी।

टोक्यो. जापान (जापान) की सरकार ने 2024 के लिए 56 अरब अमेरिकी डॉलर की रक्षा बजट (रक्षा बजट) योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। यह पिछले वर्ष का यूनिट करीब 16 प्रतिशत अधिक है। मार्च से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए इस भारी बजट से उत्तर कोरिया (उत्तर कोरिया) और चीन (चीन) तक मार्च करने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलों की संख्या में तेजी आएगी। इसके साथ ही सेना F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान और दूसरे अमेरिकी यात्रियों के साथ अपनी ताकत को मजबूत कर सकती है। जापान की सेना अपने सहयोगियों के साथ मिलकर और आक्रमक रुख अपना रही है। जापान का वित्त मार्च वर्ष से शुरू हो गया है और प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा सरकार ने पांच साल के सैन्य शक्ति निर्माण कार्यक्रम की घोषणा की थी।

वित्त वर्ष 2024 इस योजना का दूसरा वर्ष होगा। जापान में पहले केवल आत्मरक्षा के लिए सैन्य बल की नीति चल रही थी, जिसे ख़त्म कर अब वह अपनी ताकत को मजबूत कर रही है। जापान ने अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने के लिए 2027 से 300 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है। इसी के साथ जापान, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा देश बन जाएगा, जो अपनी सेना पर सबसे ज्यादा खर्च करता है। जापान ने अगले साल के रक्षा बजट में लगभग 5.15 अरब अमेरिकी डॉलर की नेट टाइप-12 क्रूज मिसाइलें बनाईं और अमेरिका ने अगली पीढ़ी की लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास के लिए टॉमहॉक्स का निर्माण किया।

इसके साथ ही जापान 3,000 किलोमीटर (1,864 मील) की रेंज वाली हाइपरसोनिक निर्देशित मिसाइलों के विकास के लिए 80 अरब येन (56.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर) से अधिक खर्च होंगे। चीन और उत्तर कोरिया के खिलाफ़ ख़तरनाक एकता का चित्रण करते हुए अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की वायु सेना ने हाल ही में एक संयुक्त युद्धाभ्यास किया। कुछ दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने पांच महीने पहले पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ ने एक बयान में कहा कि दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू में इस त्रिपक्षीय अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरियाई परमाणु हमले के खिलाफ तीन देशों की संयुक्त मजबूत प्रतिक्रिया करना था।

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तीन देशों के इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी वायु सेना के बी-1बी बम वर्ष के अलावा दक्षिण कोरिया और जापान की वायु सेना के दूसरे संस्करण ने भाग लिया। इसी तरह इस साल 13वीं बार कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर किसी अमेरिकी बम ईयरक को संदिग्ध रूप से स्थापित किया गया है। बी-1बी बम वर्षक विमान बड़े पारंपरिक विमानों को ले जाने में सक्षम है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले अमेरिकी शत्रुता का प्रमाण देते हुए बमवर्षक की मिसाइलों का जवाब देने वाली मिसाइलों का परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया ने हाल ही में ‘ह्वासॉन्ग-18’ नामक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि उनके इस कदम का मकसद अमेरिका और दक्षिण कोरिया के मैसाचुसेट्स एसोसिएटेड राइटर को चेतावनी देना था।

टैग: बजट, चीन, जापान, जापान समाचार



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