Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़: सीएम विष्णुदेव साय ने महल का विस्तार, अग्रवाल, नेताम, बौद्ध सहित...

छत्तीसगढ़: सीएम विष्णुदेव साय ने महल का विस्तार, अग्रवाल, नेताम, बौद्ध सहित 9 मंत्री ने ली शपथ ली


रायपुर. छत्तीसगढ़ में 22 दिसंबर को विष्णुदेव साय मूर्ति का विस्तार हुआ। राजधानी रायपुर स्थित नौसिखिया में मंत्री पद की शपथ ली। विपक्ष में प्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने भारतीय जनता पार्टी के नौ बैचलर बजरंग मोहन अग्रवाल, रामविचार नेता, मुलायमदास बड़हल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी कैथेड्रल, टंक राम वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े को मंत्री पद शपथ दिलाई। आज नौ कंपनी के संस्थापकों के साथ ही साय के नेतृत्व वाले बाजार की संख्या 12 हो गई है।

मुख्यमंत्री साय ने 21 दिसंबर को अपने महल के विस्तार की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही नए इंजीनियर का लेआउट कर दिया जाएगा। अविश्वास में एक और पद बाद में भरा जाएगा। छत्तीसगढ़ में 90 सचिवालय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतर 13 सदस्य हो सकते हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद 13 दिसंबर को नई सरकार का गठन हुआ था। सिटी के साइंस कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह में विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री के रूप में और अरुण साव और विजय शर्मा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

एसटी-एससी से ये मंत्री
इसके बाद 12 में से छह सदस्य-अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी खिलाड़ी, मोरी चौधरी, टंक वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े अन्य प्राथमिक वर्ग (ओबीसी) से हैं। वहीं, अन्य तीन सदस्य-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेता और केदार कश्यप ट्राइब वर्ग (एसटी) से हैं। राज्य में वर्गीकृत और जाति (एससी) से एक सदस्य मित्रदास बघेल हैं और सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा ब्रिजेश मोहन अग्रवाल हैं। मूर्ति के विस्तार के बाद राजवाड़े की मूर्ति में एकमात्र महिला सदस्य हैं। आज शपथ लेने वाले नए नेता जी में अग्रवाल, नेता, कश्यप और बडग़ल ने पिछली सरकार में भी मंत्री के रूप में काम किया है। वहीं, भारतीय रेलवे सेवा से राजनीति में आये चौधरी के साथ ही वर्मा और राजवाड़े पहली बार विधायक बने और दूसरी बार रसेल देवांगन के सदस्य बने।

सरगुजा कमिश्नर से चार मंत्री
मुख्यमंत्री कहते हैं कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं और उप मुख्यमंत्री साव और शर्मा पहली बार के पदाधिकारी हैं। साव बिलासपुर से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। निजीकरण के बाद सरकार का कहना है कि सरगुजा कमांडर से चार, बिलासपुर कमांडर से तीन, रायपुर और दुर्ग कमांडर से दो-दो और चिड़ियाघर के कमांडर से एक सदस्य हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराया, भाजपा ने पांच साल बाद सत्ता में वापसी की है। बीजेपी ने 90 विधायकों में 54 सीटें हासिल की हैं, जबकि कांग्रेस ने 35 सीटें ही हासिल की हैं. राज्य में गोंडवाना रिपब्लिक पार्टी को एक सीट मिली है।

टैग: छत्तीसगढ़ खबर, रायपुर समाचार



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img