उत्तर
बादाम को ब्रेन की सेहत का पता लगाने के लिए जाना जाता है।
आयुर्वेद में भी बादाम को स्वास्थ्य के लिए वरदान माना गया है।
बादाम के स्वास्थ्य लाभ: मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार चिंता कर रही इस कठोर दुनिया में अगर आप शरीर और दिमाग को आदर्श और कूल रखना चाहते हैं तो बादाम (बादाम) आपके लिए ही है। इस डाइटफ्रूट में ऐसे विशेष विटामिन और फ्लेवर हैं जो शरीर को लंबे समय तक युवा बनाए रखने में भूमिका अदा करते हैं। बादाम में शरीर के हर अंग और दिमाग के हर तंतु (फाइबर) को फिट रखने की क्षमता होती है। पूरी दुनिया में बादाम को स्ट्रेंथफ्रूट की श्रेणी में रखा जाता है और माना जाता है कि जितना भी मेवा होता है, वह बादाम नंबर-वन होता है।
आपको प्लांट आर्किटेक्चर की नजर में यह सब्जीफ्रूट नहीं है। वे इसमें आलूबुखारा, चेरी आदि की सलाह शामिल करते हैं और कहते हैं कि बादाम भी इसी तरह के पेड़ में लगे फल का एक बीज है, जिसे फोडकर खा या अन्य प्रयोग में लाया जा सकता है। भारतीय जड़ी-बूटी, फल और सब्जियां पर व्यापक शोध करने वाले जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य आयुर्विज्ञान के बादाम शरीर के लिए रामबाण और यह एक ऐसा व्यामोह आहार है, जिसमें स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य की रोकथाम भी की जाती है। गुण होते हैं. यह शरीर की कमजोरी को दूर करके भूख की ओर ले जाता है।
बादाम खाने के वर्धक स्वास्थ्य बेनिट्स
1. भारत के प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रन्थ ‘चरकसंहिता’ में बादाम को स्निग्ध, मधुर, बलप्रद और वातनाशक गुण वाला माना जाता है। एक अध्ययन के अनुसार भारतीय बादाम में शानदार कैलोरी के अलावा प्रोटीन, वसा, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी2, ई, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक, कॉपर सहित अन्य विटामिन और खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। जानीमानी फ़्रैंचाइज़ी फ़्रैंचाइज़ी व क्रेटेशियंस कंसल्टेंट ब्लूंजना सिंह के अनुसार, बादाम को रात में पानी में डुबोकर सुबह का खाना खाया जाए तो उसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है। इसमें पाया जाने वाला फ़ाइट मोनोसैचुरेटेड होता है जो ख़राब केलोस्ट्रोल के निर्माण को बढ़ावा देता है और केलोस्ट्रोल को बढ़ावा देता है।
2. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। इसका सीधा सा अर्थ है कि यह शरीर को फिट रखने में सहायक भूमिका निभाता है। साथ ही इसमें प्रोटीन, विटामिन ई और स्ट्रॉबेरी भी मौजूद होते हैं जो शरीर को पर्याप्त मात्रा में एनर्जी देते हैं, साथ ही डीज़ सिस्टम को भी जोड़ते हैं। यह सभी तत्व शरीर के हर अंग को पोषक तत्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मसल्स जापानी, हड्डियों में दोस्ती रहेगी तो शरीर स्वस्थ रहेगा। इसका फायदा यह है कि आप लंबे समय तक युवा बने रहेंगे और बूढ़े आदमी के शरीर से लंबे समय तक दूर रहेंगे। ऐसी मान्यता है कि बादाम में मौजूद विटामिन्स शरीर के परमाणुओं को क्षतिग्रस्त होने से राहत मिलती है।
3. दिल के लिए भी बादाम शानदार है. जब शरीर में केलोस्ट्रोल का बैलेंस बना रहेगा तो दिल पर किसी तरह का खतरा कम ही लगेगा। बादाम में मौजूद मैग्नेशियम एक ऐसा खनिज है जिसमें लगभग 300 शरीर की चीज़ें शामिल होती हैं। यह वैक्सर्ट्स शरीर को ब्लड शुगर से दूर रखने की सलाह देता है। अगर ब्लड शुगर से संबंधित है तो यह उसे कंट्रोल भी करता है। पुस्तक ‘हार्ट डिजीज एंड द लेमैन’ की लेखिका एवं नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक र| पद्मविभूषण डॉ. एस पद्मावती भी कहते हैं कि दिल के सिस्टम को लंबे समय तक याद रखने के लिए बादाम का सेवन करें। विशेष बात यह है कि सारे तत्व दिमाग को भी लंबे समय तक तारोताजा बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। दिमाग की याददाश्त भी मजबूत रहती है और आधी उम्र में भूलने जैसी बीमारी भी दूर रहती है। भारत में तो यही माना जाता है कि बादाम खाने से दिमाग तेज हो जाता है।
4. बादाम का सेवन वजन में भी सहायक होता है। कच्चे माल के सेवन से भूख कम लगती है, जो बढ़ते वजन को रोकने में सहायक है। मौजूद विटामिन्स और थिएटर्स में बेहतरीन स्किन का भी काम करते हैं, जिसमें त्वचा में तो बने रहेंगे साथ ही उनकी चमक भी बनी रहेगी। आयुर्वेदाचार्य कहते हैं कि यदि बादाम के तेल से शरीर की नियमित मालिश की जा सके तो बुढ़ापे में दिखने में समय लग जाता है। यह दाग से दाग-धब्बे हटाना और स्याही को यात्रा में कागर की भूमिका अदा करना है। बालों को भी मजबूत बनाये रखने में यह सहायक है। सीधी बात यही है कि अगर आप लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं तो खाने में बादाम को शामिल करना जारी रखें।
हजारों साल पुराना है बादाम का इतिहास
खाद्य इतिहासकारों का मानना है कि बादाम की उत्पत्ति हजारों वर्ष पूर्व भारत सहित दक्षिण-पश्चिमी एशिया में हुई थी। इसके अलावा बादाम की उत्पत्ति के केंद्र में इजराइल, तुर्की, सीरिया, लेबनान, ईरान, इराक, तुर्कमेनिस्तान आदि देश आते हैं। भारत के कई प्राचीन आयुर्वेदिक औषधियों में बादाम का वर्णन है। पहले लिखे गए धर्मग्रंथ वेदों अथर्ववेद में भी बादाम को विशेष माना गया है। आज पूरी दुनिया में अमेरिका बादाम ओबाने का नंबर वन है। विशेष बात यह है कि दुनिया में भी बादाम पैदा होता है, उसका 40 प्रतिशत उपयोग चॉकलेट और चॉकलेट बनाने में होता है।
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पहले प्रकाशित : 23 दिसंबर, 2023, 06:11 IST
