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नींद पूरी न होने पर हो सकते हैं गंभीर परिणाम, डॉक्टर से जानें कितने घंटे सोना है खतरनाक


शिखा श्रेया/रांची. नींद हर व्यक्ति की जरूरत होती है. अगर पर्याप्त मात्रा में नींद ना ली जाए तो दिमाग अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर सकता। वहीं, आप किसी भी तरह का कंसंट्रेशन प्लान भी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में नींद की गुणवत्ता और मात्रा काफी जरूरी है। झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉक्टर विकास ने बताया कि हर दिन एक इंसान को चार घंटे नींद आना जरूरी है।

डॉ. डेवलपमेंट ने लोकल 18 को बताया कि कई लोगों का यह सवाल होता है कि हर दिन कितने घंटे का सोना सही होगा। तो बता दें कि इंसान के लिए अलग-अलग नींद की जरूरत होती है। अगर नींद की जरूरत पूरी नहीं हुई तो आपका दिमाग ठीक से काम नहीं करेगा और आपके आगे गंभीर बीमारी का खतरा भी बना रहेगा।

बच्चों से लेकर तीन घंटे तक की नींद जरूरी
डॉक्टर विकास से बताया कि आपने देखा होगा छोटा बच्चा जो 1 साल 6 महीने का है। वह 14 से 15 घंटे तक फैले हुए हैं। अभी भी वह बिक्री संपत्ति में होते हैं। वह अधिक से अधिक सोले हैं क्योंकि इससे उनके मस्तिष्क और शारीरिक विकास का पता चलता है। वहीं 6 साल से 20 साल तक लोगों के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद जरूरी है। उन्होंने आगे बताया कि आम तौर पर हर दिन काम से कम 7 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है। 6 घंटे का दिन तो किसी भी हाल में लेना ही चाहिए, क्योंकि इससे न सिर्फ आपके दिमाग को आराम मिलता है, बल्कि आपको बढ़ाने में मदद मिलती है। इस दौरान आपका दिमाग फिर से हिल जाता है। अगर आपने नींद में कटौती की है तो तनाव, ऐंठन और ध्यान न देना जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

ठंड में अधिक नींद क्यों आती है
ठंड में अधिक नींद आने को लेकर डॉक्टर विकास ने लिखा है कि ऐसा कोई सेंटिफिक ड्रिप नहीं है कि ठंड में अधिक नींद आती है। ठंड का मौसम होता है और जब आप रजाई के अंदर जाते हैं और आपको हॉट होटल मिलते हैं तो शरीर बिल्कुल आराम के चरण में आ जाता है। इसलिए आपको रीस्टार्ट का मन नहीं करता और आपका भी यही हाल है।

उन्होंने आगे बताया कि कई बार कुछ लोग ऐसे होते हैं जो शरीर से बहुत काम करते हैं। उन्हें 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि उन्हें आराम ज्यादा मिलता है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दिन पर घर में रहते हैं या फिर एक जगह बैठे-बैठे ही दिमाग से सारा काम करते हैं। ऐसे लोगों के लिए 5 घंटे की नींद भी काफी है। नींद भी हर व्यक्ति पर निर्भर करता है, जो धीरे-धीरे शरीर से मेहनत करता है। उसे नींद भी उतनी ही अधिक मिलती है।

(नोट – यह जानकारी डॉक्टर से बातचीत कर ली गई है। इसका लोकेल 18 पुष्टि नहीं करता है।)

टैग: बेहतर नींद, झारखंड समाचार, ताज़ा हिन्दी समाचार, जीवन शैली, स्थानीय18, रांची समाचार



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