उत्तर
रतलू की सब्जी में ऐसा कोई पोषक तत्व नहीं है, जो इसमें नहीं पाया जाता हो।
शकरकंद जैसा दिखने वाला रतलू कम मितली और सबसे ज्यादा उदासी वाले होते हैं।
रतालु मस्तिष्क की सेहत और मधुमेह के लिए हानिकारक माना जाता है।
रतालु के स्वास्थ्य लाभ: आयुर्वेद में फल, फूल और लेंट का ही नहीं, कई धारकों का ज़िक्र है, जिसमें सेहत का खजाना माना गया है। ये भी एक है रतालू की सब्जी. जी हां, रतालू को वाइट्रेशन डायनामाइट (पोषण डायनामाइट), कथलू रतालू, पिंडालु, कत्थालू के नाम से भी जाना जाता है। जबकि इसका वैज्ञानिक नाम डायस्कोरियो ऐलेटा (डायस्कोरिया अलाटा) है। इस चमत्कारी सब्जी में ऐसा कोई पोषक तत्व नहीं है, जो इसमें नहीं पाया जाता हो। रतलू हुबहू शकरकन्द की तरह दिखता है। हालाँकि, रतालू शकरकन्द की तुलना में कम सस्ते और ज्यादा शैतान वाले होते हैं। बता दें कि पीली, नारंगी और बेरंग रंग के रतलू में एंटीऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन की मात्रा अधिक होती है, जबकि सफेद रतलू में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। इसके सेवन से सेहत को कई चमत्कारिक लाभ मिलते हैं। अचल संपत्ति लखनऊ के आयुर्वेदाचार्य डॉ. अन्य शर्मा से जानिए रतालू खाने के फायदे-
वैराइटी सेशन की संभावना है रतालू
रतालू पोषक तत्वों का खजाना होता है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार, लगभग 100 ग्राम रतालू में कैलोरी 118, वसा, 0.2 ग्राम, मोटा 816 मोटापा, कार्बोहाइड्रेट 28 ग्राम, मोटापा लगभग 4 ग्राम, प्रोटीन 1.5 ग्राम, विटामिन सी 28 प्रतिशत, विटामिन बी-6 की मात्रा 15 प्रतिशत, विटामिन ए 2 प्रतिशत, लोहा 2 प्रतिशत और मैगनीशियम 5 प्रतिशत पाया जाता है। इस कंद में पाए जाने वाले ये वंडरलैंड्स और विटामिन इसे विशेष रूप से तोड़ते हैं।
रतालू खाने के 6 स्वास्थ्य लाभ
दिमाग की सेहत में सुधार: रतलू दिमाग की सेहत के लिए भी जादुई माना जाता है। बता दें कि रतालू में डायोसजेनिन नामक रसायन पाया जाता है, जो न्यूरॉन के विकास को बढ़ाता है और मस्तिष्क के कौशल में सुधार करता है। इसके अलावा रतालु में न्यूरोप्रोडक्टिव गुण भी होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है। रतालु को आप नाव कर या फिर इसकी सब्जी बना सकते हैं।
कैंसर सेल्स बढ़ने से रोकें: रतालू में कैंसर के इलाज के गुण भी पाए जाते हैं, जो कैंसर के मरीज़ों और खिलाड़ियों को विपक्ष से रोकने का काम करते हैं। असल, रेटालू में फिनोल, फ्लेवोनोइड और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा होती है, जो कैंसर से भागते हैं। इसके साथ ही, रतालू में मौजूद विटामिन ए दांत और मुंह के कैंसर से लड़ने में सहायक है।
अमूल्य में शर्त: रतालू की सब्जी की दुकान में भी है रिलीफ की दुकान। असल में, इनहेल्ड के अनहेल्दी संविधान से ज्यादातर लोगों को कब्ज की समस्या रहती है। यह धीरे-धीरे धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों जैसे गंभीर रोगों को जन्म देता है। ऐसे में रतालू काफी क्रांतिकारी साबित हो सकता है। बता दें कि, रतालू में साबुत अनाज पाया जाता है, जिसके सेवन से कब्ज और बवासीर की समस्या दूर हो जाती है। इसका सेवन आप सप्ताह में दो बार कर सकते हैं।
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दूसरे में बर्बाद: रतालू की सब्जी मशीनों को भी नियंत्रित करने की क्षमता है। असल, इन के तनाव और गलत अनुपात से लोगों में श्रमिकों की समस्या बढ़ रही है। यह किडनी और हृदय को भी प्रभावित करता है। ऐसे में इसका नियंत्रण में रहना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए गर्मी को नियंत्रित करने के लिए रतलू की सब्जी का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन आप स्टॉककर भी कर सकते हैं।
आठ को रखें नियंत्रण: ओलेक्स का स्तर बढ़ने पर रतालू का सेवन आपके लिए जादुई साबित हो सकता है। यह रेलवे के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। असल में, बेरोज़गार होटलों में मौजूद लोगों की वृद्धि शुरू हो गई है और कब्ज की समस्या से राहत मिल गई है। इस सब्जी के सेवन से आपके पोषक तत्वों को मिलेगा मजबूती. साथ ही उपकरण क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।
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यौन सहनशक्ति में वृद्धि: रतालु पुरुषों के लिए एक चमक की तरह है। रतालु का सेवन करने से यौन सहनशक्ति को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, इसके नियमित सेवन से यौन क्रिया से संबंधित सभी जांचों में भी शामिल किया जा सकता है। ऐसे में आप नियमित रूप से रातालू की सब्जी का सेवन कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 24 दिसंबर, 2023, 15:36 IST
