रामकुमार नायक/रायपुर. सनातन धर्म के अनुसार वर्ष में कुल 12 आभूषण हैं। अज्ञात के दिन चाँद लुप्त हो जाता है, कारण से आकाश में घना अँधेरा छा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म या पूजा-पाठ करना भी बेहद अनुकूल बताया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि होती है। यह पितृत्व तिथि देव पितृकर्म के लिए बहुत ही शुभ मानी गई है। जैसे अपने कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा करना चाहते हैं तो इस दिन को अच्छा माना जाता है। इसके अलावा पितरों के निमित्त कुछ दान पिंड, श्राद्ध करने से अक्षय तिथि श्रेष्ठ मणि मिलती है। इस दिन स्नान करने का बहुत ही पुण्य बताया गया है इसलिए इस दिन स्नान दान करना भी बहुत जरूरी है।
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नींद के दिन ना करें ये काम
भारत भूमि के बड़े-बड़े तीर्थ, महानदी, सागर में स्नान कर दान करने से पितृ तृप्त होते हैं। किसी भी पितृ दोष के कारण घर में किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और बड़े पैमाने पर तीर्थों में स्नान दान करना पड़ता है। इस दिन देवी की विशेष पूजा होती है जिसका परिणाम तत्काल शुभ फल होता है। पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि नए कार्य की तारीख के दो दिन पहले और मंदिर के दो दिन बाद के समय को देखना ही चाहिए। यात्रा भी करना चाहिए अन्यथा टाल देना चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 30 दिसंबर, 2023, 15:34 IST
