मनीष पुरी/भरतपुर: भारत के अधिकांश घरों में तुलसी के उपाय की पूजा की जाती है। और तुलसी हम भारतवासियों के लिए एक पूजनीय पौधा है। ऋषियों को लाखों वर्ष पूर्व तुलसी के औषधीय गुणों का ज्ञान था इसलिए दैनिक जीवन में प्रयोग हेतु प्रमुख स्थान दिया गया है। आयुर्वेद में भी तुलसी के पौधे का विस्तृत विवरण दिया गया है। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने तुलसी के गुण, तुलसी के उपयोग और औषधीय महत्व के बारे में विस्तार से बताया है।
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक चंद्र प्रकाश दीक्षित कहते हैं कि तुलसी एक औषधीय पौधा है। इसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी बूस्टरों को दूर करने के लिए शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय औषधि को देवी का सिद्धांत दिया गया है। इससे अधिक उपयोगी औषधि मनुष्य के लिए कोई दुसरी नहीं है। तुलसी के धार्मिक-महत्व के कारण हर घर में तुलसी के उपाय बताए गए हैं।
हमारे यहां दो तरह का पौधा होता है। एक श्यामा तुलसी और दूसरी श्वेत तुलसी। श्यामा तुलसी काली अर्थात तुलसी होती है। जबकि श्वेत तुलसी हरी होती है। तुलसी का पौधा अधिकतर 1 फुट से लेकर 3 फुट तक का होता है जिसे देखने के लिए आपको मिल जाएगा।
कफ और पाचन में गुणकारी इसके सहायक हैं
वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य चंद्र प्रकाश दीक्षित ने बताया कि तुलसी के औषधीय उपयोग से अधिक गुणकारी मणियां बनाई जाती हैं। आप सीधे खा सकते हैं. इसके अलावा तुलसी के एक पत्ते से लेकर 10 पत्ते तक का उपयोग कर सकते हैं। तुलसी के बीज के फायदे भी काफी फायदे हैं. आप तुलसी के बीज और लेंट के अंश भी बना सकते हैं। इस की कमी में कफ पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाने और रक्त को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा तुलसी के पत्ते का बुखार, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट दर्द, गले को साफ करता है।
चाय में नोटबंदी का कर सकते हैं सेवन
मलेरिया जैसे विभिन्न प्रकार की खेती को ठीक करता है। इसके अलावा तुलसी का पौधा की नारियल का रस निकालकर शहद के साथ ले सकते हैं। तुलसी की चाय में दाल डालकर हम ले सकते हैं। और इसे विभिन्न प्रकार की अन्य औषधियों के साथ भी उपयोग में आसानी से लिया जा सकता है। इसका किसी भी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं है। इसके अलावा मधुमेह रोग भी काफी खतरनाक है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को तुलसी से थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए
डॉ. भारत में चंद्रप्रकाश के कई अभिलेख हैं, जो महामारी कोरोना को रोकने के लिए महत्वपूर्ण औषधि का काम करते हैं। क्योंकि तुलसी एंटीबायोटिक काम करती है। इसके अलावा आवेदनकर्ता है. इम्युनिटी बूस्ट करने वाली है। कोरोना में जो भी संक्रमण होता है. इन सब में ये तुलसी होती है.
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पहले प्रकाशित : 30 दिसंबर, 2023, 19:43 IST
