लक्षेश्वर यादव/जांजगीर-चांपा:- प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए धान की सीमा को अब बढ़ाया गया है। इससे प्रदेश के साथ-साथ जांजगीर/चांपा के किसानों को भी लाभ मिलेगा। बता दें कि जिले के सभी 129 उपार्जन आवेदन पत्र में पहले प्रतिदिन 01 लाख 69 हजार पुराने धान की मूल बातें थीं, जिसके आधार पर आपको 02 लाख 18 हजार 600 का अधिभोग कर दिया गया है। इससे अब किसानों को धान में परेशानी नहीं होगी, क्योंकि अब रोजमर्रा की फसलें सबसे ज्यादा कटेंगी और किसान सबसे ज्यादा धान में टूटेंगे।
जारी किये गये ये निर्देश
जांजगीर चांपा जिले के रजिस्ट्रार अधिकारी आर. एल. तिवारी ने बताया कि जनवरी माह में धान की आवश्यकता और किसानों की सुविधा को देखते हुए जिले में धान की सीमा प्रति दिन 02 लाख 18 हजार 6 सौ तय की गई है। अब हर दिन इतना धान खरीदा जाएगा, जिससे किसानों को बिजली कटाने में परेशानी नहीं होगी। इसे लेकर जिलों के सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश जारी कर दिया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 129 संपत्ति से अब तक 58 हजार 622 किसान से 26 लाख 47 हजार मूल धान की संपत्ति हुई है। इस वर्ष जिले में धन लाभ का लक्ष्य 65 लाख का लक्ष्य रखा गया है।
धान की अंतिम तिथि
रिज़र्व अधिकारी तिवारी ने बताया कि धान जमावड़े की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2024 तक तय की गई है। इन दिनों में छुट्टियाँ हटा दी जाती हैं, तो मात्र 17 – 18 दिन शेष रह जाते हैं। धान के वास्तविकता के लिए अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, क्योंकि अब प्रतिदिन 2 लाख 18 हजार 600 मूल धान की लागत आएगी। लिमिट ग्रोथ से अब किसान ताकत से भी ज्यादा कटवा निकलेगी और बड़े किसानों से ज्यादा धान निकलेगी। किसानों से भी अपील है कि धान समतुल्य की अंतिम तिथि तक वो अपना टोकन कटवाएं और धान सम केंद्र में रहें।
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पहले प्रकाशित : 5 जनवरी 2024, 14:10 IST
