शाश्वत सिंह/झाँसीः तापमान लगातार गिरता जा रहा है और ठंड तापमान बढ़ रहा है। इस भीषण ठंड से हर कोई परेशान है। युवा और बुजुर्ग तो इस ठंड में परेशान हैं ही लेकिन, क्या आपने सोचा है कि इस सीजन में नवजात शिशुओं की क्या स्थिति होगी। ठंड का मौसम नवजात नामांकन के लिए बेहद महंगा होता है।
इस मौसम में बच्चों की कहानी कैसे जानें, यह जानने के लिए लोकल 18 ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम शंकर ओझा से बात की। डॉ. संतोष ने बताया कि नवजात शिशु को ठंड लगने का सबसे पहला तरीका क्या है। नवजात शिशु का सर हमेशा पुराना बना रहता है। सिर को हमेशा ठंड से बचाकर रखें. इसके साथ ही बच्चे को तीन से चार लाख कपड़े पहनाकर रखा गया।
बच्चे को मीठा ना होने दें
इस बात का खास ध्यान रखें कि बच्चा गंध ना रहे। बच्चे के पेशाब पर विशेष ध्यान दें। बच्चा पेशाब करे तो तुरंत कपड़ा बदल दे। यदि बच्चा बहुत देर तक नमकीन रहता है तो स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इस कारण से संक्रमण भी हो सकता है।
बच्चे को रोज न देखें
कुछ लोग अपने नवजात बच्चों को रोज नहलाने की आदत रखते हैं। लेकिन, ऐसा करना सही नहीं है। बच्चों को 3 से 4 दिन में एक बार नहलाएं। बाकी दिनों में बच्चे स्पॉन्ज बाथ दे सकते हैं।
ब्लोअर का ध्यान से करें प्रयोग
बच्चों को गर्म रखने के लिए घर में ब्लोअर का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि ब्लोअर रात भर ना सलाह। रात भर ब्लोअर ऑपरेशन से कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इसके साथ ही कमरे में मॉश्चर की भी कमी हो जाती है. ब्लोअर के बगल में पानी से भरा एक पोज़ भी जरूर रखें।
बच्चे को छाती से लगाएं रखें
जिन आँगन में अभी भी बिजली नहीं है वहाँ माँ अपने बच्चे को सीने से लगाकर आँचल से ढककर रखती है। इसे कंगारू कैर कहते हैं. इससे बच्चे का शरीर गर्म रहेगा।
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पहले प्रकाशित : 5 जनवरी, 2024, 11:58 IST
