ईशा बिरोरिया/ऋषि:उत्तराखंड का ऋषि योग और ध्यान का केंद्र है। यही योगनगरी ध्यान के साथ ही आयुर्वेद के लिए भी प्रसिद्ध है। आयुर्वेद हमारी सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति में से एक है। पर इस चिकित्सा पद्धति का प्रमुख वोग नहीं था. वहीं दूसरी तरफ बात करें एल पैथी की, तो एल पैथी आयुर्वेद से काफी आगे निकल चुकी है, लेकिन इन दिनों इन लोग एल पैथी से हटकर आयुर्वेद की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वहीं आयुर्वेद कैंसर जैज़िक जनजातीय रोग में भी सहायक साबित होता है।
स्थानीय 18 के साथ बातचीत में उत्तराखंड के ऋषियों में वीरभद्र रोड पर स्थित नीरज नेचर क्यार के प्रबंधक और आयुर्वेदाचार्य प्रीति रेखा ने बताया कि आयुर्वेद की कोई आज की चिकित्सा नहीं है, यह हजारों साल पुरानी पद्धति है, जिसे जड़ से खत्म कर दिया गया है। ये है. वहीं एल पेथी कुछ हद तक ही स्थिर को खत्म कर रेलवे हैं। आयुर्वेदिक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है, आजकल सभी आयुर्वेद की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं इस कैंसर जैसी बड़ी बीमारी को भी दूर करने की कोशिश की जाती है। आयुर्वेद की विभिन्न चिकित्साएँ जैसे कि शिरोधारा, नाड़ी मर्दन क्रिया, रासायनिक औषधि और आयुर्वेदिक औषधियाँ कैंसर के इलाज में कारगर साबित होती हैं।
आयुर्वेद में कैंसर का इलाज!
प्रीति बताती हैं कि कैंसर ठीक एक छोटा सा शब्द है लेकिन एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। यह आम बेकार की तरह केवल नारे से ठीक नहीं होता. इसके लिए आयुर्वेदिक थेरेपी के साथ ही आयुर्वेदिक हर्बल बूटियां और ब्रेन डिटॉक्स थ्री की जरूरत होती है। कैंसर रोगियों को इनके द्वारा बनाए गए लेपप्लाट जाते हैं, इसके साथ ही समय-समय पर आवश्यक थेरेपी दी जाती है।
नाड़ी मर्दन क्रिया का सबसे ज्यादा उपयोग
कैंसर के इलाज में सबसे ज्यादा नाड़ी मर्दन क्रिया का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही कैंसर पेशेंट को यहां 10 से 15 दिनों तक रखा जाता है। उनके साथ एक पिरामिड को भी चाक-चौबंद किया जाता है, जिसमें डायनामिक्स, ऑल-म्यूजिक चॉकलेट और लेप बनाने की विधि बताई जाती है। साथ में ही मशीनरी की दुकान दिखाई गई है ताकि वापस जाने के बाद जरूरत के समय वो काम आ जाए। इस पूरी फिल्म के लिए रोजाना 28,000 रुपये मिलते हैं। प्रोटोटाइप खाना, लेप, थेरेपी और दो महीने का ग्रेड उपलब्ध कराया जाता है। अधिक जानकारी के लिए आप एम्स रोड पर स्थित आयुर्वेदाचार्य प्रीति चक्रवर्ती से उनके मोबाइल नंबर 7906016881 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 5 जनवरी 2024, 15:21 IST
