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सिर्फ दो महीने में मिलते हैं ये पत्ते, पथरी और कब्ज की समस्या का रामबाण इलाज


रिपोर्ट-नरेश पारीक

चूरू. मौसम के मौसम में ना सिर्फ पहनावा बल्कि हमारा खान-पान भी बदल जाता है। डेट में बनने वाले कई विशिष्ट प्रकार के भोजन भी हमारी आपकी पसंद के होते हैं। इस मौसम में हरी वनस्पति प्रचुर मात्रा में निहित हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। नाव यात्रा में से एक है बथुआ. जी हां, हरे पत्तेदार स्टॉक का सेवन स्टॉक में बहुत ज्यादा होता है, जिसमें बथुआ प्रमुख है। बथुए को कई जगहों पर लैंब क्वार्टर, मेल्ड, गोज़फ़ुट पिग्वेड और फ़ाट-हेन के रूप में भी जाना जाता है। राजस्थान में शेखावाटी के आदेश में यह स्वतः ही उगता है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. पवन जागिड़ बताते हैं कि बथुआ के पत्तों में पोषण के कई गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। बथुआ में आवश्यक खनिज और खनिज लवण शामिल हैं। यह विटामिन ए, सी और बी का पावर हाउस माना जाता है।

डॉ. पवन के अनुसार बथुआ खाने में स्वादिष्ट तो होता ही है, यह स्वास्थ्य को भी चंगा करता है। इसके पत्तों को पानी में नमक मिलाकर सेवन करने से कब्ज की समस्या में राहत मिलती है। बथुआ में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। अगर आप इसे सेंधा नमक मशीनरी से जोड़ते हैं तो फायदा होगा। यही नहीं, बथुआ की सब्जी के सेवन से त्वचा पर ग्लोम आ जाता है और इसके सेवन से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

पथरी की सब्जी है बथुआ
विशेषज्ञ के अनुसार बथुआ की सब्जी में कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन सी में विटामिन बी 2, बी 3, बी 5, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, मैग्नीज, फास्फोरस, पोटेशियम और पोटेशियम पाया जाता है। बथुआ के सेवन से पथरी का खतरा कम हो जाता है। डॉक्टर पवन जागिड़ कहते हैं कि अगर आपको पथरी है तो तीन ग्लास वाले पानी में आधा किलो बथुआ का प्लास्टर लें और इसका पानी अच्छा कर गुनगुना कर लें। इसके बाद बथुए के इस पानी में दो चुटकी काली मिर्च पाउडर, सेंधा नमक और दो चम्मच नमक का रस मिलाकर रोजाना पिएं। आपको काफी फायदा होगा.

डॉ. पवन जागिड़ छात्रों के मुंह की बीमारी बेहद खतरनाक होती है। इसके कारण से अल्सर, सांसों में दुर्गंध, दांत से संबंधित रोग आदि प्रमुख हैं। बथुआ इन सवालों के लिए भी रामबाण इलाज है। ऐसे किसी रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए बथुए की भर्ती को चबाना बेहद खतरनाक होता है। बथुआ में एंटी-असाधारण गुण भी होते हैं, इसलिए ये आपके मुंह में मौजूद विषाणुओं को मारता है।

टैग: चूरू खबर, स्थानीय18



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