अंजू गौतम/सागर. पूरे सागर में इस समय भीषण ठंड पड़ रही है। बारिश, कोहरा और ठंड की वजह से लोग ठिठुर रहे हैं। शीतलहर चलन से प्रशासन द्वारा सावधानी से चलाए गए एड स्टॉक की जारी की गई है। इसके अलावा ठंड के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और पैरा बेसिस के बढ़ने की भी संभावना है। जो कभी-कभी जन्मजात हो जाता है. ठंड के मौसम में छोटी-छोटी बातों का अगर ध्यान रखा जाए तो हम इन बच्चों से खुद को बचा सकते हैं।
ठंड से बचने के लिए सावधान रहें
सागर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. ज्योति चौहान का कहना है कि ठंड में बुजुर्गों को जरूर बचना चाहिए। एक तो वे रात 10 बजे से पहले न नहाएं और अगर नहाते हैं तो आपके शरीर को अच्छे तरह से अपमान से पूछा जाता है। जब बदन पूरा सुख जाए, इसके बाद गर्म कपड़े पहने कर ही बाहर से निकलें। ऐसा देखा गया है कि बुजुर्ग नहाते हैं तो उनके शरीर पर पानी की कुछ बूंदें रह जाती हैं और ऐसे ही पूजा करने के लिए चले जाते हैं। इसके कारण से वातावरण में गर्मी होती है और वह आकर्षक होती है। इसकी वजह से उन्हें और ज्यादा ठंड महसूस होती है। ठंडे पानी से भी नहाना चाहिए गुनगुने पानी से नहाना।
ये हैं ठंड में हार्ट अटैक के कारण
जब ठंड सबसे ज्यादा महसूस होती है तो सारी क्रियाएं ठंड से बच जाती हैं। इसकी वजह से ब्लड की शुरूआत कम हो जाती है। इसी कारण ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और पैरा सेल्स आते हैं। इसलिए इन बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए. अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं तो उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं। पैर में मोजे जरूर लगाने चाहिए, क्योंकि जब वह सामान पर रहते हैं तो सीधे उनके शरीर के अंदर जाकर ठंडा हो जाता है। इसलिए सिर में टॉप करना जरूरी है. वहीं जो युवा पीढ़ी के होते हैं उन्हें काम पर जाने की जरूरत होती है। इसलिए इस सीज़न में बहुत तेज़ स्पीड में टूर व्हीलर की कोई सुविधा नहीं है, अपने शरीर को हॉट फूल से ढाल कर रखें। सर में भी आरक्षण के लिए मफलर बांधना चाहिए।
