Homeदुनियाबांग्लादेश में हसीना की पार्टी बहुमत में, लगातार चौथी बार बनी सरकार

बांग्लादेश में हसीना की पार्टी बहुमत में, लगातार चौथी बार बनी सरकार


बांग्लादेश में हसीना की पार्टी बहुमत में।- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: एपी
बांग्लादेश में हसीना की पार्टी बहुमत में।

ढाका: बांग्लादेश की शेख़ हसीना ने लगातार चौथा खिताब हासिल किया है। उनकी पार्टी अवामी लीग ने हिंसा की छिटपुट घटनाएँ और मुख्य दल नेशनलिस्ट पार्टी नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उनके सहयोगियों के बहिष्करण के बीच प्रदर्शनकारियों में दो-तिहाई की जीत दर्ज की। हसीना की पार्टी ने 300 रैसलरों की पार्टी में 200 की जीत दर्ज की है।

शेख़ हसीना का पांचवा पद

चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि ”हम अवामी लीग को विजेता बनाने के लिए उपलब्ध रुझानों के आधार पर कह सकते हैं, लेकिन बाकी चुनावी मैदान में अंतिम घोषणा के बाद अंतिम चरण समाप्त हो जाएगा।” से शानदार जीत की शुरूआत। उन्हें 2,49,965 वोट मिले, जबकि बैजनाथ प्रतिद्वंद्वियों और बांग्लादेश सुप्रीम पार्टी के एम निज़ामुद्दीन जहानाबाद को 469 वोट ही मिले। बांग्लादेश में साल 2009 से ही खूबसूरता के हाथों में सत्ता की बागडोर है। इस बार के अनंतिम चुनाव में उन्होंने लगातार चौथा पद हासिल किया। प्रधानमंत्री के रूप में अब तक उनका यह पांचवां पद होगा।

लोगों ने चुनाव बहिष्कार को खारिज कर दिया

अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादिर ने दावा किया कि लोगों ने बीएनपी को वोट दिया और गुट-ए-इस्लामी के चुनाव बहिष्कार को खारिज कर दिया है। कादिर ने कहा कि ”मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जो 12वें राष्ट्रीय संसदीय क्षेत्र में मतदान के लिए बर्बरता, विलासिता और गरीबी के खतरे का मुकाबला करते हैं।” वहीं दूसरी ओर जातीय पार्टी के अध्यक्ष जी. एम. कादिर ने चुनाव में रंगपुर-3 सीट पर जीत दर्ज की। मुख्य आयुक्त काजी हबीबुल अवल ने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, वोटिंग लगभग 40 प्रतिशत थी, लेकिन इस आंकड़े में बदलाव आ सकता है। वर्ष 2018 के आम चुनाव में कुल मिलाकर 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।

बीएनपी ने निवेशकों को फॉर्च्यूनर के बारे में बताया

रविवार को आम चुनाव का बहिष्कार करने वाली बीएनपी ने इसे ‘फर्जी’ करार दिया है। बीएनपी ने 2014 के चुनाव में बहिष्कार किया था लेकिन 2018 के चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी। इसके साथ ही 15 अन्य राजनीतिक शास्त्रियों को भी चुनाव से बहिष्कृत कर दिया गया। पार्टी के नेताओं ने दावा किया है कि चुनाव में कम वोटिंग से यह स्पष्ट हो गया है कि उनका बहिष्कृत आंदोलन सफल हो रहा है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक डेमोक्रेटिक विरोध कार्यक्रम में तेजी से बढ़ोतरी होगी और इससे लोगों को वोट देने का अधिकार स्थापित होगा।

एक सीट पर बाद में होगा मतदान

इससे पहले, इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा था कि हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं के अलावा, 300 से 299 तक के क्षेत्र में मतदान काफी हद तक तरल बना हुआ है। एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण एक सीट पर मतदान के बाद छुट्टी हो गई। प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने मतदान शुरू होने के तुरंत बाद ढाका सिटी कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इस दौरान उनकी बेटी साइमा वाजिद भी उनके साथ थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएनपी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन में लोकतंत्र की विश्वसनीयता नहीं है। उन्होंने कहा, ”लोग अपनी इच्छा के अनुसार मतदान करेंगे और हम मतदान का मनोबल पैदा कर पाएंगे।” हालाँकि, बीएनपी-जमात गठबंधन ने कुल मिलाकर कई घटनाओं को अंजाम दिया।”

(इनपुट- भाषा)

यह भी पढ़ें-

पीएम मोदी पर टिप्पणी करते हुए तीन मंत्रियों ने की सदस्यता, मंत्री बोले-‘फेक न्यूज’

अमेरिका और फ्रांस से प्रतिष्ठित वर्ष के बाद अब ब्रिटेन की ओर बढ़ते कदम, 22 में भारतीय रक्षा मंत्री ब्रिटेन जा रहे हैं

नवीनतम विश्व समाचार





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img