
मोहम्मद मोइज्जू और मोदी।
भारत मालदीव:भारत और ग्राफिक्स के बीच तनातनी और बढ़ोतरी हुई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ ग़ैरमामूली टिप्पणी करने वाले तीन मंत्रियों को ज़रूर बर्खास्त कर दिया गया है। वे हाल ही में पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे को लेकर इस बात को लेकर आए थे, जब पीएम मोदी ने लक्षद्वीप के पर्यटन की सराहना करते हुए वहां के बेहतरीन टापू के बारे में बताया था। इसी बीच रॉकेट के राष्ट्रपति मोइज्जू चीन दौरे के लिए रवाना हो गए। उन्हें चीन का पक्षधर माना जाता है। बड़ी बात यह है कि भारत ने इस पूरे मामले को लेकर मार्केटिंग के उच्चायुक्त से बात की थी। नई दिल्ली के इस एक्शन का रिएक्शन माले में दिखाई दिया है, जहां रॉकेट सरकार ने भी बदले की भावना के साथ भारतीय उच्चायुक्त को समान अध्ययन तलब किया है।
भारत और कार्टून के बीच लोकतंत्र विवाद की शुरुआत हो गई है। मद्रास की राजधानी माले में मौजूद भारतीय उच्चायुक्त को देश के विदेश मंत्रालय ने समन भेजा है। द्वीपीय देश की ओर से यह कदम तब उठाया गया, जब भारत ने भी नई दिल्ली में मौजूद व्यापार के राजदूत को तलब किया था। विज्ञापन में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उच्च अभिनेताओं को मिले समान की जानकारी दी। उरायोग ने ट्वीट किया, ‘मालदीव में भारत के उच्चायुक्त मनु महावर ने विदेश मंत्रालय के राजदूत डॉ. अली नसीर मोहम्मद के साथ एक पूर्व बैठक की बैठक की। इस बैठक में दो गुटों ने गुड़िया संग्रहालय पर चर्चा की है।’ मनु महावर ने नवंबर 2021 में भारतीय उच्चायुक्त की जिम्मेदारी सौंपी थी।
नये राष्ट्रपति के आगमन से बजे यात्रा
भारत और बाज़ार के संबंध काफी पुराने हैं। लोकतंत्र के हर संकट में भारत साथ खड़ा है। कोरोना महामारी हो तो वैक्सीन की गोली भारत ने पहुंचाई। 2014 में जब जहाज़ में जलसंकट हुआ, तो भारत ने अपने जहाज़ में पानी डाला। हालाँकि हाल के वर्षों में बाज़ार में भारत विरोधी अभियानों की शुरुआत हुई। हिंद महासागर में जब से चीन ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई, उसने देशों को भी आर्थिक गुलामी बनाने की कोशिश करते हुए भारत विरोधी भावना फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
विज्ञापन के राष्ट्रपति जब मोहम्मद मोइज्जू बने, तब से चले गए और नष्ट हो गए। मोइज्जू ने राष्ट्रपति नामित ही दशकों से तानाशाही में नियुक्त भारतीय सैनिकों को वापस भारत के बेड़े का खात्मा कर दिया। चीन के पक्षधर मोइज्जू भारत विरोधी कदमों के निशान हैं। ‘इंडिया आउट’ के दौरान प्रयुक्त चुनावी अभियान में जगह दी गई थी।
क्या है ताज़ा विवाद?
जनवरी से पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा की और वहां की कुछ बातें साझा कीं. इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी कि भारत के विकल्प के तौर पर लक्षद्वीप को तैयार किया जा रहा है। इसे लेकर कुछ नेताओं ने मिर्ची लगा दी और उन्होंने भारत और मोदी को लेकर टिप्पणी करना शुरू कर दिया। हितग्राही सरकार ने तीन कंपनियों को सस्पेंड कर दिया, मोदीविरोधी टिप्पणियां की क्या बात।
