आशीष कुमार, पश्चिमी चंपारण। मीठा खाना तो सभी पसंद करते हैं, लेकिन मीठे में चीनी का इस्तेमाल बहुत कम लोग करना चाहते हैं। आज के इस दौर में कम उम्र के किशोरों में भी किशोरों की समस्या के बड़े स्तर पर आकलन किया जा रहा है। ऐसे में चीनी का इस्तेमाल लोगों को करना पड़ता है। ऐसे में एक इंसान का मीठा खाना आख़िरकार तो करे क्या? चिंता की बात नहीं, आज हमने आपको प्रकृति में जाने वाले एक ऐसे उपाय के बारे में बताया है, जो चीनी से 30 गुना अधिक मीठा और औषधीय गुणों से भरपूर होता है।
इसे स्टीविया के नाम से जाना जाता है, जिसे आप घर के गमले में भी पा सकते हैं। दक्षिण अमेरिका और एशिया में वर्षों से इस्तेमाल की जाने वाली चाय और रेसेपीज़ में मार्केटप्लेस की धूम मची हुई है।
भारत में मिठाई तुलसी के नाम से प्रसिद्ध है
औषधीय रसायन शास्त्र के विशेषज्ञ शुभम व अन्य अर्थशास्त्री की माने तो, स्टीविया कई गुणों से भरपूर औषधीय पौधा है। चीनी की तुलना में करीब 20 से 30 गुना अधिक संख्या होती है। इसके गुण और मिश्रण की वजह से इसे भारत में तुलसी के नाम से भी जाना जाता है। देखने में भी स्टीविया के पत्ते, तुलसी के पत्ते जैसे ही दिखते हैं. यह लिवर के लिए बेहद खतरनाक है, क्योंकि इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
इतना ही नहीं, इसके इस्तेमाल से सेत्वचा में निखार आता है, क्योंकि इसमें एंटी-रिंकल गुण होते हैं, जो त्वचा को कसने और उसमें चमक प्रदान करने में सहायक होते हैं। इसके जीवाणुरोधी और सूजन प्रतिरोधी गुण एक्जिमा को नुकसान पहुंचाने और घाव की रोकथाम को बढ़ावा देने में भी मदद करते हैं।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और वजन कम करने में
तो, स्टीविया मधुमेह के लिए आदर्श स्वीटनर है। यह आपके मधुमेह विरोधी गुण के कारण मधुमेह को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें ग्लूकोज में मौजूद क्लोर जेनेटिक एसिड ग्लाइकोजन को कम करता है। यह ग्लूकोज एब्जॉर्प को भी कम करता है जो कि रिवाइवल स्राव को पुनः प्राप्त करता है।साथ में यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। स्टीविया उच्च रक्तचाप को मदद करने में मदद कर सकते हैं। स्टीविया की सबसे खास बात यही है वजन में भी मदद मिलती है.
ऐसे करें इनवेस्टमेंट का इस्तेमाल
एक कप चाय बनाने के लिए आपको स्टीविया की एक से दो टॉयलेट का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा खेड और अन्य मिठाइयों की रेसिपी बनाने के लिए इसके रेस्टॉरेंट को पानी में स्टॉक करना चाहिए और फिर उस पानी को अपनी रेसिपी में शामिल करना चाहिए। रेस्टॉरेंट, स्टेविया की रेस्ट का आर्क पानी में मिल जाता है, जिससे पानी मीठा हो जाता है।
हालाँकि, बाज़ार में स्टीविया के नाम पर उत्पाद की बनी चीज़ें धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। इसमें सोडा के साथ आर्टिफ़िशियल स्वीटनर और केमिकल युक्त स्वीट कैफीन शामिल हैं। बाजार से स्टीविया डिस्कवरी से पहले आप किसी भी स्टूडेंट की सलाह जरूर लें।
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पहले प्रकाशित : 10 जनवरी 2024, 10:58 IST
