
मेड इन इंडिया की 2023 में धूम रही है।
एप्पल आईफोन चीन की सेल जहां 30 प्रतिशत तक घटी है, वहीं भारत में बने उत्पाद पूरी दुनिया में धूम मचा रही है। 2023 में 65,000 करोड़ रुपये का ‘मेड इन इंडिया’ आईफोन भारत से बाहर हो गया। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड-वॉर के बीच ऐपल ने अपने प्रोडक्शन प्लांट को चीन से बाहर स्थानांतरित कर दिया है। चीन के विकल्प के तौर पर भारत में ऐपल के लिए यह सबसे उपयुक्त बाजार है। वहीं, स्थायी मोदी सरकार की प्रतिभूतियां और उत्पादन लिंक्ड इंसेटिं (पीएलआई) स्कॉब्स की वजह से एप्पल को फायदा हो रहा है।
कई गुना उन्नत उत्पाद
बता दें, Apple पिछले कुछ सालों से भारत में iPhone बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल एप्पल ने भारत में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट बनाए हैं। पिछले कुछ सालों में भारत में बनाए गए टुकड़ों के आंकड़े में कई गुना की चोरी हुई है। भारत से बाहर करीब 65 हजार करोड़ रुपए के ग्राहक बने हुए हैं। यह मान बिना टैक्स और चार्ज के है।
अगर, इस पर भी जोड़ी जाए तो यह किरदार 1.5 लाख करोड़ रुपये से लेकर 1.7 लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है। हालाँकि, यह टैक्स एडाल्ट्स के प्रतिबंध और कमीशन पर प्रतिबंध लगाता है। केंद्र सरकार के प्रोडक्शन लिंक स्क्यॉ की वजय से भारत में पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है। 2018 में भारत के सुपरमार्केट चेन में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2023 में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी ने पिछले वर्षों में तीन गुना बिक्री दर्ज की है।
अमेरिका और यूरोप में भारत में सबसे ज्यादा मेड इन उत्पाद हैं
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप में शामिल होने वाले आईफोन में भारत की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत है। भारत में कंपनी iPhone 11, iPhone 12, iPhone 13, iPhone 14 और iPhone 15 मॉडल का उत्पादन कर रही है। एप्पल ने हाल ही में टाटा के साथ भारत में नई सीरीज के आईफोन बनाने के लिए साझेदारी की है।
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