सौरभ तिवारी/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में जैसे नई सरकार बदली, वैसे ही प्रदेशभर में कई खोजों को देखने को मिल रहा है। इसी तरह के साधक में अब नए महाधिवक्ता की पेशकश भी की गई है। राज्य शासन ने महाधिवक्ता के पद पर न्यू एन इंडिया की सलाह दी है। रविवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद विधि विभाग ने पद स्थापना आदेश जारी कर दिया है।
भारत में कौन हैं यूनेस्को?
नवनियुक्त महाधिवक्ता भारत जगदलपुर में रहने वाले हैं। जबलपुर उच्च न्यायालय से डिग्री निकालने की विधि। पाँच साल तक जबलपुर हाई कोर्ट में वफ़ादारी करते रहे। इसी बीच छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना हुई। उच्च न्यायालय की स्थापना के बाद वे जबलपुर से बिलासपुर चले गये। यहां मूल शुरुआत की. महाधिवक्ता के पद पर पहले पैनल लॉयर बने महाधिवक्ता के पद पर कार्य शुरू हुआ। राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही महाधिवक्ता और अन्य विधि अधिकारियों के साथ ही उन्होंने अपना पद त्याग दिया था। इसके बाद निजी कर्मचारी बने रहे. राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
कैसा होता है सामान
राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में अब स्टिकर का दौर शुरू हो गया है। महाधिवक्ता के पद पर नवीन भारत की धमकियों के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही महाधिवक्ता कार्यालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित प्रमुख लायर्स की दीक्षा की जाएगी। महाधिवक्ता कार्यालय में सचिवालय पूरी तरह से राजनीतिक है। महाधिवक्ता सहित सभी नियुक्तियाँ राजनीतिक आधार पर ही की जाती हैं। राज्य शासन के निर्देशों पर विधि विभाग द्वारा स्टीचे व पद स्थापना का आदेश जारी किया जाता है। महाधिवक्ता पद पर महासचिव पद के बाद आने वाले दिनों में भाजपा सूक्ष्मजीवों की अलग-अलग पार्टियों पर महाधिवक्ता पद होगा। साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में राज्य शासन की ओर से मुकदमा मुकदमा और शासन की ओर से पक्ष रखा नजर आया।
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पहले प्रकाशित : 11 जनवरी 2024, 20:24 IST
