अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ : वर्तमान में बच्चा हो या बड़ा बुजुर्ग सभी की आंखों पर चश्मा लग गया। मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी की वजह से लोगों की आंखें खराब हो रही हैं, जिससे कम उम्र में ही लोगों की संख्या ज्यादा हो रही है, लेकिन क्या आपको पता है कि सबसे पुराना चश्मा भी आपका सिर्फ एक छोटा सा है काम करने की वजह से अपलोड किया जा सकता है। असल में इन दिनों डेट ज्यादा पढ़ रही है। स्काई से ओस कॉन्स्टॉल्टी बारिश हो रही है। इस ओएस वाली घास पर अगर आप रोज सुबह एक घंटा घूमते हैं, तो आपकी आंखों से चश्मा उतर जाएगा।
सरकारी आयुर्वेदिक एवं अनैच्छिक के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि ओएस वाली घास पर चलने से आंखों को काफी हद तक राहत मिलती है। ओएस वाली घास पर चलने से पूरा शरीर प्रभावित होता है। ऐसे में आंखों की रोशनी पर भी इसका असर पड़ता है। इसका कोई साइंटिफिक रिजन नहीं है लेकिन हां इससे आंखों की रोशनी बेहतर हो सकती है।
आँखों में बढ़ना सूखता जा रहा है
डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि इन दिनों उनके पास कॉन्स्टेंट स्पीयर्स में ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें आंखों में सूखापन तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह यह है कि लोग आजकल जहरी, अंगीठी और ब्लोअर के पास ज्यादातर वक्त तक बैठे रहते हैं। जिनकी आंखों का पानी सुखी रहता है। लोगों को यही निर्देश दिया जाता है कि धीरे-धीरे हो सके इन सबके सामने कम बैठें।
गरम पानी का उपयोग न करें
डॉ. अरविंद वर्मा ने बताया कि मौसम में बहुत अधिक ठंडा पानी या बहुत अधिक गर्म पानी से आंखों को न तो निवेशक कुमार बल्कि गुनगुने पानी से अगर आंखों को धोते हैं तो आंखों को काफी राहत मिलती है। आंखों की लिपस्टिक भी बाहर निकलेगी और लंबे समय तक टिके रहेंगे और उनकी रोशनी सलामत रहेगी।
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य बेनिटिट रेसिपी की सलाह, हमारे सुझावों की चर्चा के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है न कि व्यक्तिगत सलाह। हर व्यक्ति की जरूरतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही किसी चीज का इस्तेमाल करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम का किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
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पहले प्रकाशित : 13 जनवरी 2024, 14:00 IST
