सौरभ तिवारी/बिलासपुरः- खेल युवाओं के जीवन का एक सिद्धांत है। जब स्पोर्ट्स में बच्चे अच्छा फॉर्म बनाते हैं, तो उनके माता-पिता और कोच का सीना गर्व से बढ़ जाता है। बिलासपुर में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां के अजिंक्य और उनके जैसे कई खिलाड़ी अपने नाम से कई खिताब हासिल कर बिलासपुर वापस चले गए हैं। सभी का धाम-धाम से स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़े बजे, तो फूलों की बारिश भी हुई।
दिल्ली में हुआ प्रतियोगिता का आयोजन
बता दें कि दिल्ली में 3 से 9 जनवरी तक 67वीं राष्ट्रीय शालेय तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था। वहीं बिलासपुर से अजिंक्य सिंह ने 200 मीटर बैक स्ट्रोक में गोल्ड मेडल, 100 मीटर बैक स्ट्रोक में सिल्वर मेडल और 50 मीटर बैक स्ट्रोक में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया।
अजिंक्य के साथ ही बिलासपुर की शिवांगिनी पैवेलियन ने 50 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक प्राप्त किया है। बिलासपुर के राष्ट्रीय तैराक अरव शर्मा, सारथी बसाक, सत्यमपेगे, अयान अली और गीतिका घोष ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन सभी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से उनके साथी काफी उत्सुक हैं और बच्चों को आगे खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आगमन पर भव्य स्वागत हुआ
जब यह खिलाड़ी बिलासपुर आइलैंड, तो बिलासपुर तैराकी संघ द्वारा उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। स्वागत में ढोल-नगाड़े भी गए, पटाके भी फोड़े गए और खिलाड़ियों पर पुष्पवर्षा भी की गई। बिलासपुर तैराकी संघ के अजिंक्य सिंह को मोमेंटो एवं शाल एस्टास्ट कर का सम्मान दिया गया। उन्होंने 3 मेडल प्राप्त कर शहर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। साथ ही खिलाड़ी शिवांगी पैजेंड का भी मोमेंटो और शॉल आर्टिस्ट को सम्मानित किया गया।
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पहले प्रकाशित : 12 जनवरी 2024, 17:44 IST
