सर्दियों में विटामिन डी की कमी: विटामिन डी शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिन में से एक है। इसमें सिर्फ विटामिन भर नहीं है बल्कि यह हार्मोन का भी काम करता है। विटामिन डी पानी नहीं बल्कि वसा में विटामिन डी कई जरूरी काम है। इसके बिना जीवन खतरे में पड़ जाता है। Vaya मिन r अग r श rurryr में r प rirchamautauradauradaurasataurasauranirasauraniraniranirauras होगी कैल कैल कैल t कैल कैल t कैल औthurिस rayrir श r एब में एब यदि विटामिन डी की कमी हो गई तो शरीर में कैल्शियम का अवशोषण नहीं होगा जिसके कारण हड्डियां ख़राब हो जाएंगी। विटामिन डी शरीर में कई तरह के संक्रमण को होने से रोकता है। विटामिन डी शरीर में सूजन का कारण नहीं बनता है, जिससे क्रोनिक किडनी रोग का खतरा कम हो जाता है। हार्वर्ड मेडिकल के नए शोध में पाया गया है कि विटामिन डी कैंसर सेल के विकास पर भी रोक लगाई जा सकती है। इन सारी बातों के मूल मंत्र शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है। लेकिन कुछ लोगों में विटामिन डी की कमी ज़ीरे में सबसे ज्यादा होती है।
विशेष रूप से किन लोगों को विटामिन डी की कमी का खतरा
1. काला त्वचा- अमेरिकन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों का त्वचा काला होता है यानी सबसे ज्यादा काला होता है, उनमें विटामिन डी की कमी का खतरा ज्यादा रहता है। यूक्रेन में यूक्रेन में माइलिन पिंगमेंट कम हो जाता है जिसके कारण सूर्य की रोशनी से त्वचा विटामिन डी को सिंथ परीक्षण करने में कठिनाई होती है। वहीं दूसरी ओर समुद्र तट पर एक युवा की त्वचा भी अंधेरी नजर आ रही है। उदाहरण के लिए समुद्र में विटामिन डी की कमी होती है।
2. इंदौर में रहने वाले-जो लोग अक्सर घर के अंदर रहना ज्यादा पसंद करते हैं, उनमें विटामिन डी की कमी का खतरा हमेशा बना रहता है। पूर्वी देशों में विशेष रूप से विटामिन डी की कमी सबसे अधिक होती है। हालाँकि समुद्र तट में जब कोहरा ज्यादा रहता है तब बाहर निकलना जरूरी नहीं है लेकिन जब धूप खिलती है तो बाहर जरूर जाना चाहिए। अन्यथा विटामिन डी की गंभीर कमी हो सकती है।
3.अधिक वजन वाले-जिन लोगों का वजन सबसे ज्यादा रहता है उनके पूर्वी हिस्से में विटामिन डी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। क्योंकि जब शरीर में फैट की मात्रा अधिक होती है तो यह अतिरिक्त फैट सूरज की रोशनी से विटामिन डी ग्रहण करने की क्षमता कम कर देता है। इस कारण अधिक वजन वाले लोगों को विटामिन डी की भरपूर खुराक लेनी चाहिए।
कैसे मिलेगा विटामिन डी
एक वयस्क इंसान में प्रति जापानी ब्लड में 20 ग्राम से 50 ग्राम के बीच विटामिन डी होना चाहिए। विटामिन डी से सबसे अधिक सूर्य की रोशनी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों में भी विटामिन डी पाया जाता है। जो मछलियां अधिक तेलयुक्त होती हैं जैसे टूना, सेलमैन, मार्केल आदि में विटामिन डी अधिक होता है। वहीं अंडा और पशु यकृत में भी विटामिन डी पाया जाता है। इसके अलावा बेजिटेरियन लोगों को मशरूम, बादाम, ओट्स, सोया आदि का सेवन करना चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 15 जनवरी 2024, 06:43 IST
