ओपीपी/सोपानकोरबा. प्रभावित क्षेत्र के उपार्जन आवास में हाथी कर्मचारी कर्मचारियों की जान सांसत में है। रात्रि सुरक्षा के लिए लगाए गए फेंसिंग तार को तोड़कर हाथी केंद्र के अंदर पहुंचाया गया। हाथी ने उत्पात मचाते हुए 20 से अधिक धान को अपना निवाला बना लिया। रिज़ल्ट ने संकट संकट के बाद हाथों को ठंडक देने में सफलता पाई, तब कहीं भी कर्मचारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद एफडी के प्रभारी ने धान उठाव में तेजी लाने सहित सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए अधिकारी को पत्र लिखा है।
जिले में किसानों की सुविधा को देखते हुए 65 धान उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत धान रोगी केंद्र हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। इनमें शामिल हैं युवा पीढ़ी सेवा सहयोगी समिति कोरकोमा का धान उपार्जन केंद्र चचिया। कुदमुरा वन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम चचिया में सड़क किनारे ढाँचा केंद्र बनाया गया है। यहां सुरक्षा के नाम फेंसिंग तार ही लगाए गए हैं। इसके बावजूद भी बीहड़ क्षेत्र में आतंकवादी आतंकियों के प्रवेश का खतरा बना हुआ है। इन दस्तावेजों के बीच विभिन्न केंद्रों के कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। ऐसी ही स्थिति स्टॉक रात भी बनी हुई।
हाथी ने हाथी उत्पात
त्रिपुरा, उपार्जन केंद्र में चौकीदार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे। उन्हें देर रात फेंसिंग तार के टुकड़े के साथ हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी। उनका सामान केंद्र के अंदर भारी भरकम हाथी को देखकर उड़ गए। वह अपनी जान जोखिम केंद्र के अंदर ही डूबके रहे। हाथी उत्पात मचाते हुए केंद्र में रखे धान को अपना निवाला चकमा देते रहे। जब रीयल्टी ने मॉक पर स्थापना की तो स्टाफ़ आउट आये। वे हाथी के जंगल की ओर से राहत की सांस ली पर लौटे।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
देर रात चचिया स्थित उपार्जन केंद्र में हाथी फेंसिंग तार को तोड़ते हुए जा छोड़ा गया। पहले तो हाथी ने जिले के केंद्र में लालची उत्क्रांति उत्पाद बनाया, इसके बाद धान को अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया। उसने देखते ही करीब 20 हाथी धान को चैट कर दिया। इस बीच केंद्र में डबके कर्मचारी अपने मोबाइल से हाथी का वीडियो बना रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है.
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पहले प्रकाशित : 15 जनवरी 2024, 17:07 IST
