मोहन प्रकाश/सुपौल। लगातार तेज़ शुष्क पशु पछुआ हवा चलने से भीषण ठंड पड़ रही है। ऐसे में लोगों के चेहरे और एड़ी की रेखा की आम समस्या है बात। अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से परेशान हैं तो यह खबर आपके काम की है। जी हाँ, एक छोटी सा घरेलू फैक्ट्री से आपको यह समस्या हो सकती है। जिले के सिमराही नगर पंचायत वार्ड 08 रेजिडेंट आयुर्योग रिसर्च फाउंडेशन के आयुर्वेदाचार्य आयुर्वेदाचार्य मिश्र शिक्षक हैं जो शुद्ध आयुर्वेदिक तेल के प्रयोग से इन आँकड़ों में उद्योग लगाएंगे।
वे बताते हैं कि ठंड के मौसम में खुश्की बढ़ती है। इससे शरीर में वात प्रकुपित होता है। ऐसी ऐसी खूबसूरती काफी बढ़ जाती है। जो कष्टदायक होता है. ठंड के समय में हील रिसर्च, लिप रियलिटी और इंकलाबी के शेयर बाजार में मौजूद हैं। कभी-कभी तो मूल दर्द के साथ खून भी निकलता है। मासूम से खाने में भी दुख हो रहा है. हील रिक्रिएशन से ग्रोथ में भी समानता है। खास कर समुद्र तट के लिए परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में आप इन स्टोर्स में छोटे सा घरेलू सामान बेच सकते हैं। साथ ही बालों में डैंड्रफ की समस्या भी दूर होगी.
जानें क्या है वो बिजनेस
इन प्रश्नों का एक बहुत ही सरल उपाय है आयुर्वेदाचार्य आयुर्वेदाचार्य मिश्र। इन सभी इंजनों से मशीनरी मिल जाएगी। आयुर्वेद में नाभि पुराण का वर्णन किया गया है। पेट का जो नाभि का हिस्सा होता है, उसमें तेल की परंपरा शामिल है। रात में सोने से पहले और एक घंटे बाद पृथ्वी के बल लेट कर नाभि में शुद्ध मसालों का तेल खाने से दो-तीन बूंद भर लें। इसके बाद तीन से पांच मिनट तक लगभग साढ़े तीन बजे तक बने रहें। इसके बाद घड़ी की दिशा में धीरे-धीरे हाथ को पेट पर लगाया गया। इसके बाद शेष बचे तेल को सूती कपड़ा से पेंट करके सोएं। इस प्रक्रिया से दो से तीन दिन में चोट और एड़ी की समस्या दूर हो जाएगी। यदि समस्या पुरानी है तो 10 से 15 दिन तक यह प्रक्रिया करें।
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पहले प्रकाशित : 16 जनवरी, 2024, 13:03 IST
