लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा:- चोटों के बाद कई बार प्राकृतिक आपदा, बाढ़, ओलावृष्टि या बिना मौसम के बारिश के कारण किसानों को नुकसान होता है। जिसके लिए सरकार द्वारा किसानों को बंधक के रूप में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस संबंध में राजस्व विभाग द्वारा स्वयं अभियान पासपोर्ट सर्वेक्षण कार्य की जानकारी दी गई है। यदि सूचना न हो तो राजस्व विभाग के किसान संबंधित राजस्व विभाग से संपर्क कर सकते हैं या तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उसके बाद राजस्व टीम द्वारा खेत का सर्वेक्षण किया गया। जब खेत में फसल का 33 प्रतिशत से अधिक हिसासा नुकसान होता है, तब सहायता राशि प्रदान की जाती है।
आरबीसी के अंतर्गत दी गई राशि राशि है
जांजगीर भगत बजरंग लाल जौहरी ने बताया कि किसानों को मिलने वाले पौधों की राशि को आरबीसी 6 और 4 के तहत सहायता राशि दी जाती है। जिसमें किसी भी किसान की प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ आना पर, सूखा अध्ययन पर, ओला वृष्टि होने पर या फसल की क्षति होने पर पटवारी द्वारा फसल का निरीक्षण किया जाता है। 33 प्रतिशत से ऊपर की क्षति होने पर आर्थिक सहायता रिज़ की पेशकश की जाती है, जो सिंचित क्षेत्र के 13500 हैक्टेयर और असिंचित क्षेत्र के 6800 की दर से प्रदान की जाती है।
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सर्वेसर्वा गोदाम सचिवालय
किसान के फसल के नुकसान की सहायता के लिए एक सप्ताह के भीतर राजस्व पटवारी को सूचित करने या तहसील कार्यालय में आवेदन करने के लिए कहा जा सकता है। फसल के नुकसान के सर्वेक्षण में सबसे अधिक समय लगने से परेशानी होती है। यदि किसी भी स्थान पर प्राकृतिक आपदा या बाढ़ की सूचना मिलती है, तो हमारे विशेष अभियान राजस्व पटवारी द्वारा सर्वेक्षण स्टॉकिस्ट राशि द्वारा प्रदान किया जाता है।
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पहले प्रकाशित : 16 जनवरी, 2024, 17:51 IST
