
ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दसादियन और पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधान मंत्री बयाली उल हक काकर
पाकिस्तान पर ईरान पर अचानक हुआ हवाई हमला। ईरान ने पाकिस्तान पर हमला कर जैश-अल-अदल के आतंकियों को उड़ा दिया। इससे पाकिस्तान बिलबिला उठा। विदेशी विदेश मंत्रालय ने इस हमले में 2 बच्चों की मौत के मामले में ईरान को गंभीर नतीजों की चेतावनी भी दी है। इस हमले से पाकिस्तान को सबसे बड़ा सदमा यह भी लगा कि जिस वक्ता कार्यकारी पाक विशेषज्ञ बयासी उल हक काकर दाओस में ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत कर रहे थे, ठीक उसी दिन ईरान ने पाकिस्तान पर हवाई हमला कर दिया था।
ईरान ने यह बैठक दावोस में पाकिस्तान के साथ की थी। मगर पाकिस्तान को पता ही नहीं था कि ईरान के अंदर भी क्या दस्तावेज मौजूद हैं। बैठक के बाद उसी दिन ईरान ने बलूचिस्तान पर हमला कर दिया। इस दौरान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जैश उल-अदल के शेयरहोल्डर हो गए। बता दें कि ईरान ने मंगलवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जैश-उल-अदल ग्रुप के दो आतंकियों पर हमले किए। यह हमला विश्व आर्थिक मंच के दावोस में ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुदीन और पाकिस्तान के प्रधान मंत्री बयाली उल हक काकर के बीच एक बैठक के साथ हुआ।
जैश-उल-अदल ने ईरान से बदला लिया
ईरानी राज्य संचालित मेहर समाचार एजेंसी ने बताया कि पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान के कुहे सब्ज़ क्षेत्र में जैश उल-अदल के इस आतंकवादी समूह के सबसे बड़े हमले को निशाना बनाया गया था। इन मिसाइलों और डूबतों पर हमला किया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया।” रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जैश उल-अदल आतंकी समूह ने पहले भी पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र में ईरानी सुरक्षा बलों पर हमले किए हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ईरान पर अपने हवाई क्षेत्र पर हमले का ‘अपराध उल्लंघन’ करार देते हुए इसकी निंदा की।
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