उत्तर
किसी भी व्यक्ति की उम्र निर्धारित करने के लिए 20 से 30 प्रतिशत योगदान उनके जीन में होता है।
ब्लू जोन के लोग कुल मिलाकर 95 प्रतिशत भाग प्लांट बेस्ड फूड को शामिल करते हैं।
ब्लू ज़ोन के लोगों का आहार: जहां के लोग अमूमन सौ साल का अरसा बिना बीमारी के काट लेते हैं, उस जगह के नमूने ने ब्लू जोन का नाम दिया है। धरती पर 5 ब्लू जोन की शुरुआत हुई है। यहां के लोग पृथ्वी पर अन्य स्थानों के इंसानों की तुलना में कहीं भी बिना किसी बीमारी के जीवन जीते हैं। ब्लू जोन की अवधारणा सबसे पहले वैज्ञानिक गिन्नी पेस और माइकल पॉलेन ने दी थी। उन्होंने 2004 में इसके बारे में एक लेख लिखा था. असल में, ये लोग धरती पर सबसे अधिक जंगल वाले लोगों के बारे में अध्ययन कर रहे थे। तब उन्होंने इटली के नूरो प्रांत के सार्डिनिया नाम की एक जगह की खोज की थी और दावा किया था कि यहां के पुरुषों की औसत उम्र 100 साल के आसपास होती है जो अन्य जगहों पर नहीं होती। इसके बाद डेन ब्यूटनर ने इस ब्लू जोन में चार और स्थानों को जोड़ा और दावा किया कि सार्डिनिया के इन आसपास के स्थानों के लोगों के जीवन में साथ-साथ बहुत उपयोगी हैं।
ये हैं 5 ब्लू जोन
इनसाइडर के अनुसार शोधकर्ता गिएनी पेस, माइकल पॉलिन और डेन ब्यूटनर के शोध के आधार पर धरती पर 5 ब्लू जोन की शुरुआत हुई है। ये जगहें हैं-ग्रीस में इकारिया, इटली में सार्डिनिया, जापान में ओकिनावा, अमेरिका में लोमा लिंडा और कोस्टारिका में एम्बालो। यहां के लोग अधिकांश मात्रा में कार्मिक रहते हैं और अधिक लंबी आयु तक जीते हैं।
बुराई न के बराबर
इन लोगों में बीमारी ना के बराबर होती है. लम्बी उम्र के लिए जीन की भी भूमिका है। लेकिन इसमें खान-पान और लाइफस्टाइल की सबसे ज्यादा भूमिका है। जीन के बाद मूल प्रभाव, अंतर्वस्तु, जीवन शैली आदि भी कारक होते हैं। ब्लू जोन में रहने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 90 से 100 तक है लेकिन सौ से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या इससे भी कम नहीं है। इन लोगों की जीन तो प्रभावशाली है ही, साथ ही इन लोगों की लाइफस्टाइल की मांग भी है। ये लोग मीट-मछली का सेवन न के बराबर करते हैं और अपने कुल मिलाकर 95 फीसदी हिस्से में प्लांट बेस्ड फूड को शामिल करते हैं.
ब्लू जोन के लोगों का क्या मतलब है?
इस क्षेत्र में सबसे बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र के लोगों में रक्तचाप, मधुमेह, मधुमेह और हृदय रोग समान हैं। ब्लू जोन के लोग स्वच्छ पर्यावरण में रहते हैं। यहां कपास, अनाज और कार्डबोर्ड की कमी नहीं है। ये लोग कलरफुल हरी पत्ती का सेवन सबसे ज्यादा करते हैं. अपने भोजन को अत्यंत सरल तरीके से खोजें। फलीदार लैपटॉप की बाकी पास कोई कमी नहीं होती. मुख्य भोजन में आमतौर पर ये लोग साबुत अनाज खाते हैं। वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार साबूत अनाज कोलोन कैंसर और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। इसके अलावा अन्य फल व्युत्पत्ति का मुख्य हिस्सा होते हैं। डॉक्युमेंट्स में बादाम, अखरोट, पिश्ता आदि मुख्य रूप से शामिल रहते हैं। वहीं फलों में सेब, सेंट्रे, एवोकाडो, स्ट्रॉबेरी आदि की कोई कमी नहीं होती। पशु उत्पादों में ये लोग मांस-मछली का बहुत कम सेवन करते हैं. कुछ लोग सप्ताह में एक दिन बहुत कम मात्रा में पशु उत्पाद लेते हैं।
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पहले प्रकाशित : 17 जनवरी, 2024, 05:35 IST
