Homeहेल्थ & फिटनेसशरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रण से बाहर हो गई है और...

शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रण से बाहर हो गई है और पता ही नहीं है तो फैट हो सकता है नसें, 7 संकेत देखें तो पहले सचेत हो जाएं


मधुमेह न्यूरोपैथी के लक्षण: चूहों में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। असल में, पैंक्रियाज से अरेस्ट वाला चमत्कार हार्मोन जब कम बनता है या नहीं बनता है तो ग्लूकोज का अवशोषण नहीं होता है। इस कारण यह खून का ग्लूकोज में जमा होना प्रतीत होता है। जब ग्लूकोज का एब्सोल्यूशन नहीं होता है तब यह खून में जमा होना लगता है जो पूरे शरीर की परतों में दौड़ने लगता है। जाहिर तौर पर जब यह सबसे ज्यादा होगा तो नासें रिआक्सा का खतरा बढ़ जाएगा। हम जानते हैं कि कर्मचारी और पूरी दुनिया के लिए चुनौती बन गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार विश्व में 42.2 करोड़ से अधिक लोग पीड़ितों से हैं। कुल मरीज़ों में 17 प्रतिशत मरीज़ भारत से हैं।

भारत में 8 करोड़ से ज्यादा लोग पीड़ितों से हैं। इसलिए भारत को डायबिटिक कैपिटल ऑफ वर्ल्ड कहा जाने लगा। मुश्किल यह है कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं कि वे कामगार हैं। इसलिए ब्लड शुगर की मात्रा एन्कंट्रोल होने का खतरा बढ़ जाता है। लाखों लोगों में नर्व डैमेज होने को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। माओ क्लिनिक के अनुसार डायबिटिक रोगियों में से करीब 50 प्रतिशत डायबिटिक न्यूरोपैथी से जुड़े हैं। इसलिए इसके लक्षण जानना जरूरी है।

नसें डैमेज होने के ये हैं संकेत

मायो क्लिनिक के अनुसार मधुमेह न्यूरोपैथी में चार तरह के लक्षण होते हैं जिनमें कमोबेश एक ही तरह के लक्षण होते हैं। मधुमेह न्यूरोपैथी में सबसे पहले हाथ-पैर की नसें फूलने लगती हैं। इसका रंग काला भी पड़ सकता है। इस कारण बार-बार हाथ-पैर सुन्न होना प्रतीत होता है। अगर यह अधिक दिन तक होता है तो यह खून की छोटी-छोटी वाइकाएं होती हैं जो उसकी दीवार पर धीरे-धीरे धारीदार धारियां दिखती हैं और एक दिन जब यह बढ़ती है तो यह अचानक कुछ जगह पर डैमेज या धारियां दिखाई देती हैं। इससे रक्तवाहिनियों के शरीर के अन्य अंगों से संपर्क टूट जाता है। इस कारण से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का उत्पादन मुश्किल हो जाता है।

के लक्षण सबसे पहले हाथ और पैर की उंगलियों को देखना है। इस कारण हाथ और पैर पहले से सून होने लगते हैं। सबसे पहले हाथ में सुन्नपन आता है। हाई ब्लड शुगर के कारण छोटी-छोटी नलिकाओं में खून की कमी हो जाती है। इसलिए इसके अलावा कहीं भी राइसने का डर रहता है. ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों का उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।

नसें डैमेज होने से पहले के संकेत

  • 1. कमजोरी, हाथ-पैर में सुन्नपन या दर्द, झुनझुनी या जलन महसूस होती है।
  • 2. कुछ लोगों में वामपंथी पर, यहां तक ​​कि कुछ भी छू जाए तो दर्द होता है।
  • 3. अल्सर, संक्रमण, फोड़े, छाले, हड्डियों और जोड़ों में फ्रैक्चर जैसे गंभीर नुकसान।
  • 4. ऑटोइम्यून न्यूरोपैथी में पेट संबंधी समस्याएं होती रहती हैं। खाना पकाने में परेशानी होती है. हाँ
  • रिश्ते में भी परेशानी हो सकती है.
  • 5. आँखों में भी कमजोरी आ जाती है. वस्तु दो दिखाई देती प्रतीत होती हैं।
  • 6. कुछ लोगो में पैरालाइसिस भी हो सकता है।
  • 7. बहुत अधिक निर्बलता होने लगती है।

यह भी पढ़ें- सांसों की गेंद में चमकती है यह लकड़ी की मूर्ति, अन्य भी हैं कई बेमिसाल फायदे, पर है दुर्लभ

यह भी पढ़ें- क्यों होता है किडनी फेल, किससे होता है बड़ा खतरा, खतरे की घंटी बजने से पहले कैसे पहचानें संकेत, जानें सब कुछ

टैग: मधुमेह, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सुझाव, जीवन शैली



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img