सौरभ तिवारी/बिलासपुरः छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले का टामारी तेजी से पर्यटन पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां की प्राकृतिक प्राकृतिक ताकतें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटन तक पहुंच रही हैं। इस साल लगभग देश-विदेश के एक लाख से ज्यादा फिल्मों ने तातामारी की सैर की है। फ्रांस के एक टूरिस्ट को तो टाटामारी इतनी लगी कि वह अपनी मां को लेकर टाटामारी के लिए रवाना हो गई।
फ्रांस से यात्रा पर निकले क्लेयर ने बताया कि उन्होंने दो बार टाटामारी और कोंडागांव की यात्रा की है। पहली बार जब अपने दोस्तों के साथ आये तो उन्हें यहाँ की प्राकृतिक और सुन्दर इतनी अच्छी लगी की छवि वह अपनी माँ के साथ यहाँ दी। फ्रांस से आए अल्बाने और गेल ने बताया कि उन्होंने पहले यहां कई जगहें देखीं लेकिन कोंडागांव में आदिम परंपरा और यहां के लोगों की साज-सज्जा उन्हें बहुत पसंद आई। जब लोगों से मुलाकात और उनकी नकल को पास से देखने का मौका मिला जिससे उन्हें बहुत खुशी मिली।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा निरंतर विकास किया जा रहा है
नाललैंड के थॉमस, निकोडेम, टोपीयाज ने कहा कि कोंडागांव में स्थानीय युवाओं द्वारा हमें जलप्रपातों, वनस्पतियों को देखने और प्रकृति के बीच प्राकृतिक वातावरण को देखने के लिए मांझोनगढ़ के ऊपर कैंपिंग करने का अनुभव अपने आप में अनोखा था। उन्हें यहां बातचीत में बहुत खुशी महसूस हुई. कोंडागांव में आपके जलाशयों में प्राकृतिक निर्माण के साथ-साथ अमूल्य सांस्कृतिक और पारंपरिक कलाओं का समावेश किया गया है। यहां की संस्कृति और प्राकृतिक प्रकृति आपके सामने है। जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन की ओर से मावा कोंडानार पर्यटन सर्किट का विकास किया गया है। इस सर्किट के बन जाने से जिले में प्लास्टिक की संख्या में फोटो खींची गई है। जहां एक साल में टाटामारी में देश-विदेश के 01 लाख से ज्यादा लोगों ने टाटामारी के विहंगम दृश्यों का आनंद लिया है।
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मावा कोंडानार सर्किट क्या है?
कोंडागांव जिले में पर्यटन की क्षमता के विकास के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें क्षेत्र में पर्यटन गाइड, आतिथ्य और अन्य कार्य करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। स्थानीय महिला उद्यमियों को पर्यटन क्षेत्रों के निकट जलपान व्यवस्था द्वारा रोजगार श्रमिक उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इस सर्किट में घुमंतू पर्यटकों के लिए स्थानीय युवाओं के पर्यटन समुदाय द्वारा दो दिन तक का कार्यक्रम तैयार किया गया है। जिसमें तमारि में विश्राम, नाइट कैम्पिंग, स्टोर टॉगिंग, स्टोरी टेलिंग, बोन फायर, प्लांट टी, पारम्परिक युवा भोजन, सूर्योदय का विहंगम दृश्य, मांडोनगढ़ में आदिम काल के शैल चित्र सूर्य का विहंगम दृश्य के अतिरिक्त दर्शन, लिंगोदराहा, उपबेदी और होनहेड जैसे शामिल हैं। सुंदर जलप्रपातों का भ्रमण मार्ग है। इस सर्किट के माध्यम से यहां के स्थानीय 40 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 200 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हो रहा है। इस सर्किट में पर्यटन कार्यक्रम ऑफ़लाइन केशकाल ईको टूरिज्म की वेबसाइट https:www.keshkalecotourism.in पर व्यापारी करा सकते हैं.
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पहले प्रकाशित : 19 जनवरी, 2024, 15:06 IST
