ऋषभ कौशिक/लखनऊ: समसामयिक बाज़ार में हरी पत्तेदार सूची की विभिन्नताएँ देखने को मिलती हैं। इनसे एक खसखस सब्जी बथुआ (बथुआ) है। यह सब्जी के मौसम में लोकप्रिय है और इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। बथुआ में विटामिन ए, पोटेशियम, और कैल्शियम की मात्रा होती है, जो शरीर को मजबूत बनाता है और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से बचाता है। इसके सेवन से त्वचा भी निखरती है और सुंदरता में निखार आती है।
नेशनल केजी माकेरियल के प्रमुख साइंटिस्टियन डॉक्टर नियाना सक्सैना ने बताया कि अभी भी समुद्र तट का समय चल रहा है और इस मौसम में पालक, बथुआ जैसी हरी जड़ी-बूटी खानी चाहिए। इनमें से अधिकांश मात्रा में सकारात्मक तत्व पाए जाते हैं। इन थैलियों में विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन और कैल्शियम काफी मात्रा में पाए जाते हैं और ये एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं, ये हमारी विटामिन सी को बढ़ावा देते हैं और अच्छी इम्यूनिटी से हम बहुत सारी ताकत से बच सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बढ़िया
डॉ. अंतिमा सक्सेना ने बताया कि हरी पत्ती का सेवन हमारे शरीर को पोषण प्रदान करता है। बथुए की नाव को कच्चे चबाने से लेकर सांस की बदबू, पायरिया और दांतों से जुड़ी अन्य समस्याओं में फायदा होता है। जबकि, बथुआ में क़ब्ज़ा से राहत बेहद कम है। गठिया, लकवा, गैस की समस्या में भी यह काफी चमत्कारी है और भूख कम आना, देर से पचना, खट्टी डकार आना जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए भी बथुआ खाना बहुत ही स्वादिष्ट है।
पेट के कीड़े मर जाते हैं
डॉ. निज़ा सक्सेना के अनुसार, बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार बथुआ की आवश्यकता होती है, उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं और पेट दर्द में भी बथुआ खतरनाक होता है। बथुए को समुद्री भोजन से रस पीना और सब्जी खाने से आकर्षण रोग जैसे सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में भी आराम मिलता है।
(अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य बेनिटिट रेसिपी की सलाह, हमारे सुझावों से दी गई चर्चा का आधार है। यह सामान्य जानकारी है न कि व्यक्तिगत सलाह। हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद में किसी वस्तु का उपयोग किया जाए। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।)
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पहले प्रकाशित : 19 जनवरी, 2024, 14:40 IST
