ब्लड शुगर बन सकता है हार्ट अटैक-स्ट्रोक का कारण, ब्लड नमक बनाने के लिए ये 5 उपाय, किडनी भी नहीं मिलेगी गंभीर बीमारी
खून पतला करने वाले खाद्य पदार्थ: दुनिया में दिल से जुड़े मोटापा तेजी से होते हैं। दिल का दौरा पड़ने का मामला। वैसे तो इन मामलों के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन खून का गिरना, उनमें से एक है। जी हाँ, शरीर में खून का जमाव होना या फिर उसमें थकके जमना पैदा होना संभव है। क्योंकि, स्ट्रोक ब्लड हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि के चिन्हों को पुनः प्राप्त किया जाता है। लोग काले बालों को पतला करने के उपाय तो करते हैं, लेकिन आराम नहीं मिलता। लेकिन कुछ फ़िल्में आपकी इस परेशानी को दूर करने में कामयाब हो सकती हैं। आय रिज एंड कंसल्टेंसी हॉस्पिटल, नोएडा की इंडिपेंडेंट डायबिटीज एजुकेटर रितु टूरिस्ट से जानिए इन फूड्स के बारे में-
01

लहसुन: लहसुन स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है। ऐसे पदार्थ होते हैं जो रक्त के थक्के बनने में शामिल होते हैं, प्रोटीन ग्लूकोजिन के उत्पादन को कम करते हैं। इससे रक्त शीला रहती है और इसमें थक्के नहीं जमते हैं। (छवि- कैनवा)
02

अदरक: समग्रिशियन के मताबिक, अदरक को आयुर्वेद में भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसमें जिंजरोल्स नामक प्राकृतिक सवोधित अवरोधक पदार्थ पाए जाते हैं। जिंजरोल्स के कारण प्लेटलेट एकीकरण एकीकरण कम होता है। जिससे रक्त शैल रहता है और स्वस्थ रक्त परिसंचरण को बनाए रखने में मदद मिलती है। (छवि- कैनवा)
03

हल्दी: रितु कारीगरों का कहना है कि, भारतीय रसोइयों का यह अहम मसाला कई हल्दी की अचूक औषधि है। हल्दी में करक्यूमिन नामक महत्वपूर्ण तत्व होता है। करक्यूमिन, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बहुतायत से होते हैं। इससे रक्त में थक्के नहीं जमते हैं और शरीर में रक्त का प्रवाह भी अच्छा रहता है। (छवि- कैनवा)
04

विटामिन सी युक्त फल: विटामिन सी हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में संतरे, नींबू, अंगूर, कीवी जैसे खट्टे फलों का नियमित सेवन करना चाहिए। इन फलों में विटामिन सी के साथ ही बायो फ्लेवोनॉयड्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये दोनों ही शरीर की दीवारों को मजबूत बनाते हैं, उनकी सूजन को दूर करते हैं। मदद से खून में थक्के नहीं जम खून और आसानी से शरीर में प्रवाहित होता है। (छवि- कैनवा)
05

ग्रीन टी: सब्जियों और सब्जियों की खुराक तो ग्रीन में एंटी-इंफ्लेमेट्री एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं। इसमें मौजूद कैटचिन नामक तत्व रक्त को नमक मिलाकर थक्के बनने से शुरू होता है। कैटेचिन रक्त के थक्के बनने में दो प्रमुख प्रोटीन ग्लूकोजिन और थ्रोम्बिन को बाधित करके काम करता है। क्रोमोलिनोजेन एक रक्त प्रोटीन है जो थक्के बनाने में मदद करता है। कैटेचिन कोलेस्ट्रॉल और थ्रोम्बिन के उत्पादन को कम करके रक्त के थक्के बनने को कहा जाता है। साथ ही इसके नियमित सेवन से समुद्र में रक्त का प्रवाह भी अच्छा होता है। (छवि- कैनवा)
अगली गैलरी
