भूलकर भी न करें इस बीज का अधिक सेवन, स्किन एलर्जी, दस्त से होगी चिंता, सर्जरी के तीन दिन पहले खाना छोड़ें
अलसी के बीज के दुष्प्रभाव: अलसी के बीज (फ्लेक्स सीड्स) एक अत्यंत ही मौसमी बीज की सूची में शामिल है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइटोएस्ट्रोजन, एल्फा-लिनोलेनिक एसिड, ओमेगा-3 कार्बोहाइड्रेट एसिड, कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि की बहुतायत होती है। इस बीज के सेवन से वजन कम होता है, कैंसर, उच्च रक्तचाप, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, सूजन, सूजन, हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा कम होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अलसी के बीज के अधिक सेवन से स्वास्थ्य को भी नुकसान होता है? जानें फ्लैक्ससीड खाने के नुकसान के बारे में…
01

वेब डॉट कॉम में छपी खबर के अनुसार, यदि आप अलसी के बीज के बीजों का सेवन करते हैं तो अधिक मात्रा में खाने से डायरिया हो सकता है। साथ ही एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है। ऐसे में वास्तु का सेवन करने से पहले छात्र की राय जरूर ले लें। अगर आपको अलसी के मसाले के सेवन से कोई परेशानी नहीं है तो इसका सेवन रोजाना 1 से 2 करना सही रहेगा। (कैनवा)
02

लॉकडाउन के दौरान अलसी के मसालों का सेवन करने वाली महिलाएं अधिक करने से बचती हैं। साथ ही स्टेटस पैन वाली मां भी इसका सेवन अधिक ना करें। सर्जरी के दौरान या पहले फ्लैक्ससीड ऑयल के सेवन से ब्लीडिंग बढ़ने की संभावना हो सकती है। यदि आपकी कोई मेडिकल सर्जरी है तो दो सप्ताह पहले ही इसका सेवन बंद कर दें। (कैनवा)
03

फ़ेमी डॉट कॉम के, अलसी के मसालों के कई फायदे हैं, लेकिन कई बार ये फायदे हर किसी के अनुसार नहीं होते। उदाहरण के लिए, अपॉइंटमेंट या एंडोमेट्रियोसिस का अनुभव करने वालों को अलसी के बीज का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि वे शरीर पर एस्ट्रोजन के प्रभाव की नकल कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान अलसी के बीज के सेवन से बचना चाहिए। (कैनवा)
04

अलसी के मसाले का सेवन अधिक मात्रा में करने से सूजन, गैस, कब्ज, पेट में दर्द, दस्त, उल्टी में जलन या एलर्जी जैसे लक्षण भी आप अनुभव कर सकते हैं। इसके अलावा, थक्के अलसी के बीज से आपके रक्त के केक जमने की क्षमता कम हो सकती है, इसलिए अगर आप सर्जरी कराने जा रहे हैं तो कुछ दिन इसका सेवन न करें। (कैनवा)
05

अन्य मेवों और बीजों की तरह, अलसी के बीज और अलसी का तेल से एलर्जी हो सकती है। बीज त्वचा में जलन और गंभीर रूप से कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है। बच्चों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अलसी के बीज वाले कुछ खाद्य पदार्थों से त्वचा पर चकत्ते, उल्टी और झुनझुनी होने की संभावना रहती है। (कैनवा)
06

अलसी के बीज फाइटोएस्ट्रोजन से प्रचुरता होती है। कुछ अध्ययनों में फाइटोएस्ट्रोजन ने कैंसर के खिलाफ़ कोई भी अभिलेखीय प्रभाव नहीं दिखाया है। कुछ लोगों का मानना है कि अलसी के बीजों में मौजूद लिगनेन और फाइटोएस्ट्रोजन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हालाँकि यह बात अभी पूरी तरह से साबित नहीं हुई है, इसके लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। वहीं, महिलाएं अलसी के मसालों का सेवन अधिक करती हैं तो उनमें हार्मोन असंतुलित हो सकता है, जिससे रेस्तरां बाजार में आ सकते हैं।
अगली गैलरी
