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चेनी-हथौड़ी से ठोक-ठोक कर ठीक कर देते हैं पुराने पुराने शरीर का दर्द! वैद्यजी की इनती फ़ेस


विनय अग्निहोत्री/भोपाल। आमतौर पर चेनी-हथौड़ी का प्रयोग घर बनाने या किसी पत्थर की मूर्ति को आकार देने के लिए किया जाता है। लेकिन, क्या आपने कभी शरीर में दर्द पैदा करने के लिए छेनी-हथौड़ी का इस्तेमाल देखा है? ऐसा है. भोपाल में इस विधि से शरीर में पुराने पुराने दर्द को ठीक करने का दावा किया जा रहा है।

भोपाल के वैद्य मकरानी लकड़ी की चेनी-हथौड़ी के प्रमुख लोगों के शरीर का कॉम्प्लेक्स से कॉम्प्लेक्स दर्द दूर कर देते हैं। डॉ. मकरानी का दावा है कि वह साइटिका, नस फटना, नस रिले, बॉडी लॉक होना, रीड की हड्डी के गुरियों के दर्द से लेकर पैर के तलवों के दर्द को दूर भगाते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा के लिए उनके नजदीकी लोगों की लाइन लगी रहती है।

कीमत 100 रुपये
आयुर्वेदिक औषधि मकरानी ने बताया कि यह इलाज आयुर्वेद में बहुत पुरानी पद्धति है। इसका नाम एक्युप्रेशर या अलाबु कर्म पद्धति है। कहा, मैंने अपने गुरु ओंकार नाथ पांडा बाबा से 40 पहले यह विधि सीखी थी। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अंतर्गत पारंपरिक शास्त्रीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (वीएससीटीसीएचपी) में हम नेशनल काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़े संस्थान हैं। आपके शरीर में कहीं भी दर्द हो, कितना भी पुराना दर्द हो इसे चेनी-हथौड़ी से 4 से 5 बार के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाता है। इसकी कीमत ₹100 है।

ऐसे करते हैं कमाई
वैद्य पहले लोटे से पीठ पर बॉडी की अलग-अलग जगह पर ढूंढते हैं और उसके बाद त्वचा के साथ लोटे को चिपकाते हैं। इसके बाद लोटे पर हथौड़ी से टुकड़े किए गए। यह प्रक्रिया लगभग 20 मिनट तक चलती है। इसके बाद वह चेनी और हथौड़े से पीरिन के अलग-अलग स्थानों को पहचानते हैं। कई लोगों का कहना है कि इनका इलाज करने से उन्हें काफी आराम मिलता है। वैद्य का कहना है कि वह जोड़ों के दर्द के अलावा खतरनाक सोरायसिस, पीलिया और लैकवा का भी इलाज करती है।

पथरी और यूरिक एसिड का भी इलाज
कंधे, गर्दन से तलवे तक चेनी-हथौड़े से खींचे जाते हैं। भोपाल के संजीवनी औषधि केंद्र वन विभाग में विक्रय करने वाले वैद्य मॅकरानी साइटिका, जोड़ों के दर्द, नील खण्ड में, गॉल ब्लैडर में पथरी सहित अन्य रोगों का इलाज भी करते हैं। वह इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की दवाएँ भी देते हैं। यूरिक एसिड बढ़ जाए तो उसे कम करने का भी इलाज करें। मसल्स के ब्लॉक खुल जाते हैं, इससे दर्द कम हो जाता है। सबसे खास बात यह है कि वह नदी देखकर मर्ज का पता लगाते हैं। वे लकड़ी की चेनी-हथौड़े से शरीर के पीछे वाले स्टॉक में हैं। उनका दावा है कि साइटिका, सर्वाइकल सहित ज्वाइंट लॉक में इससे काफी फायदा होता है।

टैग: भोपाल समाचार, स्वास्थ्य समाचार, स्थानीय18

अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।



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