नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कथित राशन निदेशक के मामले में एसोसिएटेड के एंटी करप्शन ब्युरो (एसीबी) ने सोमवार को दो पोर्टफोलियो की रिपोर्ट जारी की है। कंपनी के करोड़ों निवेशकों समेत पूर्व निवेशक रानू साहू समेत 10 अन्य पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही पी.डी.एस. कंपनी के पूर्व एमडी समेत अन्य को भी कंपनी ने बनाया है। आरोप है कि निजी कंपनियों को टेंडर देने की शर्त में बड़ी धांधली की गई। कमीशन की रकम में करोड़ो के वारे न्यारे किए गए.
डॉक्टर्स फंड को लेकर कोरबा के पूर्व डॉक्टर रानू साहू पर मामला दर्ज किया गया है। टेंडर देने वाले संजय शेंडे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, बिचौलिया मनोज कुमार दिवेदी, रवि शर्मा सहित अन्य पर मामला दर्ज है। पीडीएस में मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी, डिप्टी मार्केटिंग इंजीनियर पूजा प्रितिका केरकेट्टा, राइस मिल ऑर्गनाइजेशन के पूर्व अध्यक्ष कैलाश रुंगटा समेत अन्य पर मामला दर्ज हुआ है। पेश मामले में रॉबर्ट्स की टीम के दौरान 1.6 करोड़ रुपये नकद भी बरामद हुए थे.
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एचडी की रिपोर्ट में कहा गया है?
एडी की रिपोर्ट एसीबी ने क्राइम रैंक-02/2024 में धारा- 120 बी (अपराधिक षडयंत्र), 420 (धोखाधारी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरबा जिले में टीचर्स के टीअर्स के शेयरधारक के लिए सेंट्रल जनरल स्टाफ का लेन-देन हुआ। मनमाने तरीकों से प्रतिभाओं की स्थापना तय की गई ताकि कुछ अभ्यर्थियों को सीधे तोर पर लाभ सुनिश्चित किया जा सके। इस पूरी फैक्ट्री से छत्तीसगढ़ सरकार को भारी नुकसान हुआ।
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पहले प्रकाशित : 29 जनवरी, 2024, 18:50 IST
