शिखा श्रेया/रांची. वैसे तो अपने घर में कई तरह के पत्ते के सागा और सब्जी पकाएंगे। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पत्ते के बारे में बताने वाले हैं। फास्ट फूड से जुड़ी सारी समस्या, पेट से जुड़ी समस्या। इस पत्ते को औषधि माना जाता है। असल में, हम बात कर रहे हैं कोहड़े के पत्ते की, जिसे सागा और सब्जी के तौर पर खाया जाता है। आदिवासी महिलाएं इसे सब्जी और भुजिया के तौर पर भी खाती हैं, खाने में ये भी बड़ा है स्वादिष्ट है.
यह फिल्म आपको नई दिल्ली के प्रमुख बाजार में मंगलवार और शुक्रवार को देखने को मिलेगी। इसे गायब करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। कोहड़ा का पत्ता बेचती हुई हुई सरिता देवी ने कहा कि यह हम अक्सर अपने घर में बना कर खाते हैं। अगर कभी घर में किसी को कब्ज हो जाए तो बस यह पत्ते की सब्जी खिला देता है।
खाने में है बड़ा स्वादिष्ट
सीता देवी का कहना है कि इसके अलावा यह खाने में भी बड़ा स्वादिष्ट होता है। है.खाने में यह मछली स्वाद में जैसी लगती है और इसके फायदे भी कई हैं.आदिवासी लोग इसका समान सेवन करते हैं.
क्या कहते हैं बस्तियाँ
झारखंड की राजधानी रांची के जाने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पैंडेस ने कहा है कि कोहड़ा का पत्ता पेट के लिए रामबाण माना जाता है। इससे 10 से 12 साल पुरानी गैस को ठीक करने में मदद मिलती है। अन्योन्याश्रित हो सके सीधे. इस में अधिक तेल का प्रयोग ना करें. यह एक औषधि है. उन्होंने आगे यह भी बताया कि खाना खाने की एक सीमा होती है। इस सागा को बच्चे से लेकर बूथ तक खा सकते हैं। इसमें कई तरह के विटामिन और फ्लोरेंस पाए जाते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक पाई जाती है। इसके अलावा विटामिन ए बी सी की मात्रा अधिक होती है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। जिसके कारण यह कब्ज और गैस को दूर करता है।
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पहले प्रकाशित : 29 जनवरी, 2024, 10:24 IST
