आशिष सलाम/लाभ: भारत में हर किसी से परिचित है और यह सबसे प्राचीन औषधीय औषधियों में से एक मानी जाती है। भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने अपने जीवन में कभी आँवले का नाम न सुना हो। आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों को “महाऔषधि” के नाम से जाना जाता है। विटामिन सी में विटामिन सी की मात्रा होती है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। विटामिन सी, कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों का खजाना है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि अगर आंवले को रोज सुबह खाली पेट खाया जाए, तो इसका फायदा कई गुना बढ़ जाता है। आप आंवले को कच्छा या मुरब्बा के रूप में खा सकते हैं। हालाँकि, आक्रामकों के लें रोगी इसे कचचा ही या अपने घटक में सामग्री, आचार या अचार के रूप में शामिल कर सकते हैं।
शरीर के लिए अमृत है सुविधा
डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि विटामिन सी की मात्रा शरीर के लिए अमृत के समान होती है। यह क्या है पित्त कफ को सामान्य रूप से रखा जाता है और शरीर के अवशेषों को बाहर निकाल कर अहम भूमिका निभाई जाती है। आंवले के इस्तेमाल से बॉडी डिटॉक्स हो जाता है। पेट संबंधी समस्याओं को पूरी तरह से इस्तेमाल से ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेद में विशेषज्ञ को महाऔषधि का नाम दिया गया है।
इन लोगों को आँवले से सहभागी बनना चाहिए
डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि जो लोग एसिडिटी के मरीज हैं, उन्हें किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित लोगों को आहार नहीं लेना चाहिए। साथ ही जिन लोगों का शुगर और बीपी भी कम रहता है, लिवर और किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी है तो उसे भी रेलवे से संबद्ध करना चाहिए। अगर आपकी किसी तरह की सर्जरी हो गई है या त्वचा और बालों में कोई विशेषज्ञ डॉगीनेस की दुकान है, तो आपको कभी भी विशेषज्ञ विशेषज्ञ की सलाह के साथ आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 3 फरवरी, 2024, 16:52 IST
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
