नई दिल्ली: आम लोग किसी भी तरह से बिमारी से बातचीत में रहते हैं। कोरोना महामारी के बाद देश में दवाओं के दाम और मेडिकल का खर्च दोगुने दाम से भी ज्यादा बढ़ गया है। लेकिन अब मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है. जिस कारण से शुगर, दर्द, बुखार, हृदय, जोड़ों के दर्दवार्निक तेल, संक्रमण की दवा की खुराक मिलेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 39 प्रारूपों के आधार तय किये हैं। इसके साथ ही 4 खास खासियत वाली मूर्तियों को भी मंजूरी मिल गई है। नेशनल मेडिसिनल प्राइजिंग ऑथरिटी ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। बता दें कि वित्त मंत्रालय पशुपालन द्वारा अंतरिम बजट पेश करने से पहले लोगों को इस पासपोर्ट पर काफी उम्मीद थी।
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइजिंग ऑथारिटी ने औषधियों की कालाबाजारी पर रोक के लिए 39 धार्मिक स्थलों के दाम तय किए हैं। एनपीपीए ने एक अधिसूचना जारी कर बताया है कि इस सूची में कौन सी सेवाएं शामिल हैं। सर्ज, पेन किलर, बुखार और हार्ट, जोड़ों के दर्द की दवा अब मान्य होगी। इसके इलावा चार विशेष विशेषताओं वाले प्रोटोटाइप को भी मंजूरी दे दी गई है।

अधिसूचना में लिखा है कि ‘भारत सरकार के रासायनिक और प्रांतीय मंत्रालय जारी 1394 तारीख 30 मई, 2013 और 5249 तारीख 11 अक्टूबर, 2022 के साथ पतित औषध (कीमत) नियंत्रण आदेश, 2013 के पैरा 5,11 और 15 अप्रैल शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रीय औषध मूल्य आश्रय प्राधिकरण (जिसको एनपीए के रूप में जाना जाता है), नीचे की सारणी के स्तंभ (6) में विनिर्दिष्ट खुदरा मूल्य को उपरोक्त सारणी के स्तंभ (3), (4) और (5) में तत्स्थानी निजीकरण में विनिर्दिष्ट प्रबलता, इकाई (यूनिट) और विनिर्माता और विपणन कंपनी के नाम सहित स्तंभ (2) में की तत्स्थानी निजीकरण से प्रत्येक की, वस्तु एवं सेवा कर, यदि कोई है, को केवल अधिकांश खुदरा मूल्य के रूप में निर्धारित किया जाता है .’
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पहले प्रकाशित : 3 फरवरी, 2024, 10:44 IST
