शक्ति सिंह/कोटा. भारत सरकार ने बजट में बच्चों के मुंह के कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन की घोषणा की है। सरकार की ओर से कोटा ऑब्स्टेट्रिक एंड सिंगिंगोलॉजी सोसाइटी (KOGSI) के संरक्षक और वरिष्ठ सिंगिंगेकोलॉजी डॉ. का ऐलान किया गया। मिर्ज़ा शर्मा ने निभाई है ख़ुशी. डॉ. निर्मल शर्मा ने बताया कि फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड सिंगिंगोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया (FOGSI) ने भारत सरकार को बच्चों के कैंसर से मुक्ति के लिए प्रोजेक्ट दिया था। जिसे सरकार ने विचार कर लिया और कैंसर का टीका भी सरकार ने मुफ्त कर दिया।
डॉ. भोला शर्मा ने बताया कि कोटा मेडिकल कॉलेज में बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के मामले साल भर में 300 के करीब आते हैं। जिनमें अधिकतर अंतिम चरण के होते हैं। इस वर्ष जनवरी में वैज्ञानिक विषयों को लेकर आजोजित करके जागरूकता अभियान चलाया गया। साल 2030 तक भारत को कैंसर मुक्त होना है। 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर साल पैप स्मीयर की जांच जरूर करवानी चाहिए। ये जांच मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मुफ़्त है।
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हर 8 मिनट में दम तोड़ रही महिला
डॉ. मासूम ने बताया कि सर्विक्स कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) कम उम्र (15 से 45 साल) की महिलाओं में होती है ये गंभीर बीमारी। मूल में हर रोज 200 से ज्यादा महिलाओं की मौत इसी कारण से हो रही है। यानी सर्विक्स कैंसर की वजह से हर 8 मिनट में 1 महिला का दम टूट जाता है। बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचा जा सकता है। इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध है. लेकिन आज भी डिज़ाइन में इस वैक्सीन के प्रति जागरूकता नहीं है। हाल ही में बजट में सरकार ने वैक्सीन को लेकर घोषणा की है.
9 से 14 साल की उम्र में लगाई गई वैक्सीन
उन्होंने बताया कि इस बीमारी के लक्षण देवलप में 15 से 20 साल की उम्र में होते हैं। इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। 9 से 14 साल की संपत्ति के समय की संपत्ति को बर्बाद कर दिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। 9 से 14 साल की महिलाओं को 6 महीने के अंदर 2 खुराक और 15 से 45 साल की महिलाओं को 3 खुराक दी जा सकती है।
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पहले प्रकाशित : 3 फरवरी, 2024, 15:47 IST
