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पूरी रात जागकर गुजराते हैं ग्रामीण, हर रोज नई तिजारियां, प्यासे आदिवासियों के भी लाले, हैरान कर देने वाली


मोरे मौर्य

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा गांव है जहां हर रोज होता है धमाका। ब्लास्टिंग की वजह से 50 से ज्यादा गांव में दहशत है। इलाके में इकोनाती धमाकों की आवाज से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पूरी रात इस संकट में डूबे हुए हैं कि कहीं उनके घर की दीवार दरकने से जानमाल का नुकसान न हो जाए। धमाकों से ब्लास्ट वाले गांव तक न्यूज 18 की टीम और दर्शकों की कोशिश आखिर क्यों और किस लिए कर रही है। धमाके की आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास के 50 गांव एक साथ जाते हैं। ये धमाका न तो आतंकवादियों का है और न ही स्टारकास्ट का।

यह धमाका अवैध तरीके से चुने गए पत्थर और डोलोमाइट के खदानों को खोदने वाले खनिज माफियाओं का है जो बेखौफ खदानों में डेटोनेटर लगार ब्लास्टिंग कर रहे हैं। दरसअल बिलासपुर जिले के मस्तूरी इलाके में 20 से 35 से अधिक खदानों का संचलन चल रहा है, जबकि इन खदानों की लीज खत्म हो चुकी है, उसके बाद भी यहां अवैध तरीके से आक्रामक तरीके से सांठगांठ करों में पैमानों पर डेटोनेटर लगाया गया लेकर रात तक ब्लास्टिंग की वजह से इस इलाके के 50 से अधिक इलाकों में रहने वाले लोग मुसीबत का पहाड़ बन गए हैं।

तीन गांव में

दरताल के दौरान कोसमडीह गांव का एक भी ऐसा मकान नहीं दिखा जिसमें डरे न हो। ब्लास्टिंग के दौरान बूथ, बच्चे से लेकर युवा तक घर के बाहर और सहमे हुए नीचे दिखाई दिए। इन अद्यतनों ने कई मर्तबा स्थापना और जिला प्रशासन से शिक्षा भी प्राप्त की है, लेकिन उसके बाद उनकी समस्या का कोई हल नहीं निकला। यही कारण है कि सोमवार को चट्टानों में ब्लास्टिंग की वजह से कोसमडीह प्राथमिक शाला की छत का प्लास्टर नीचे पढ़ते हुए सैकड़ों बच्चों के ऊपर गिरा, जिससे 2 चट्टानों को चोट आई है।

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नियम यह है कि यदि मजबूत मिट्टी की खुदाई की जाती है तो केवल 15-20 मीटर गहराई तक खदानों को खोदा जा सकता है। लेकिन जब हमारी टीम ग्राउंड जीरो पर थी तो ग्राउंड स्ट्रिप कुछ और ही बयां कर थी। यहां 100 से 150 मीटर तक की खोदाई कर दी गई है, जबकि कई खदानों की खुदाई भी खत्म हो चुकी है, उसके बाद बेखौफ, बेवक्त अवैध धमाका कर पत्थर माफियाओं ने अपनी हिस्सेदारी के चक्कर में सरकार के राजस्व का नुकसान तो कर ही दिया। साथ ही सैकड़ो आतिथ्य के जान के साथ निरीक्षण कर रहे हैं। आलम ये है कि इलाके का ग्राउंड वॉटर हीटर भी कम हो रहा है. आने वाले दिनों में यहां पीने के पानी की समस्या भी होगी। उच्च न्यायालय ने पहले ही अवैध खनिजों में खनिज खनन और बाउटर ट्रांसपोर्टेशन के लिए खनिज खनिजों के उत्पादन पर जोर दिया था।

टैग: बिलासपुर खबर, सीजी न्यूज, अवैध खनन



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