रामकुमार नायक, रायपुर- मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ गए और कारवां बन गया। मजरूह सुल्तानपुरी की यह लाइन फिड द नीडी फाउंडेशन पर आधारित है, क्योंकि इसकी शुरुआत ही एक व्यक्ति से हुई थी और आज इसका कारवां बढ़ रहा है। फाउंडेशन के फाउंडर और लीडर अनिल पटेल द्वारा दिवाली के अवसर पर इसकी शुरुआत की गई थी। दिवाली के शुभ अवसर से वे इस काम को कर रहे हैं और फिर दोस्तों ने भी इस काम में बढ़ोतरी की है। इसके अलावा उन्हें रायपुर के डंगनिया इलाके में स्थित गगन मोबाइल शॉप का सहयोग भी मिल रहा है। आज की तारीख में कई लोग फाउंडेशन से जुड़कर लोगों की मदद के लिए सामने आ रहे हैं।
फाउंडेशन का ये है उद्देश्य
पीडीएफ द नीडी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल पटेल ने बताया कि ऑनलाइन ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन खाना उनके फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य है। इसी उद्देश्य के साथ लगातार काम किया जा रहा है। राजधानी रायपुर में ऐसे कई लोग हैं, जो खुद के खानों में बेकार हैं। ऐसे लोगों तक पहुंच का काम द नीडी फाउंडेशन कर रहा है। सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को इस फाउंडेशन द्वारा रेलवे स्टेशन, बम हॉस्पिटल, मरीन ड्राइव, बस स्टैंड जैसे झीलों पर भोजन की पेशकश की जाती है। अभी फाउंडेशन द्वारा सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग कर कैम्पेनिंग की सुविधा जारी है। विचारधारा, प्रमाण पत्र, फेसबुक के माध्यम से लोगों तक संपर्क किया जा रहा है और डोनेशन से संपर्क किया जा रहा है।
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जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करें
फाउंडेशन के उद्देश्य को महत्व देते हुए लोग खुद से मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। कई बार फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा भी यात्री स्मारक के लोगों की मदद की जा रही है। अनिल पटेल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि फाउंडेशन के मोबाइल नंबर 7000258155 पर संपर्क कर अधिक से अधिक जानकारी ले सकते हैं और लोगों को खाना बनाने में सहायता कर सकते हैं। फाउंडेशन में भी शेयर किया जा रहा है, यानी दानदाता वीडियो के माध्यम से यह देखा जा सकता है कि उसका पैसा कहां गया है और कैसे उपयोग किया जा रहा है। लोगों को अच्छी क्वालिटी का खाना मिलने से उनके चेहरे पर खुशी झलकती है।
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पहले प्रकाशित : 4 फ़रवरी 2024, 11:36 IST
