नागार्जुन तिवारी/भोपाल: भारत में दादी-नानी के नुस्खे आज भी काफी मायने रखते हैं। हज़ारों हज़ारों से चले आ रहे ये ग़ैरमामूली ग़रीब भी साबित होते हैं। ऐसा ही एक नुस्खा से तैयार लोध फिल्म पर स्टॉक के बाद महिलाएं आज भी खिलाई जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे महिलाओं के शरीर की कमजोरी दूर होती है। ये लोध सोंठ, गुड़, स्ट्रेंथ चिप्स, खजूर आदि को मिला कर बनाये जाते हैं।
ये लोधी न तो केवल आकर्षक होते हैं, बल्कि इनका स्वाद भी काफी अच्छा होता है. मगर अधिक मात्रा में इसकी कोई मात्रा नहीं पाई जा सकती। क्योंकि, इसमें काफी हॉट चॉकलेट का इस्तेमाल किया जाता है। गुड़ और सोंठ के दूध में पोषण की अधिकता होती है। जिससे शरीर की कमजोरी दूर होती है। इस आयोडीन में कैल्शियम, आयरन, आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।
हज़ारों साल पुरानी बुज़ुर्गियाँ
भोपाल के जुमेराती में स्थित ‘मावा वाले’ के मालिक राजीव जैन ने बताया कि कई हजार प्राचीन महिलाओं की मंडली के बाद ये लोध खाए जा रहे हैं। लगभग सभी घरों में इस लोध को बनाया जाता है। उन्होंने भी ये लोध अपनी माता जी से बनाने की विधि बताई है। आज भी उनकी दुकान के लोधी उनकी माता जी ही बनवाती हैं। गुजरात के साथ सभी प्रकार के बच्चों को तैयार किया जाता है। यहां पर आपको 560 रुपये किलो से ज्यादा का लोन मिल जाएगा।
मिलते हैं और भी प्रकार के लोध
जुमेरती में स्थित ‘मावा वाला’ में सोंठ के लोध के अलावा कई अलग-अलग प्रकार के लोध मिलते हैं। जैसे मेथी के दूध जो ठंड में काफी पसंद किये जाते हैं. इसके अलावा यहां पर शुगर फ्री लोध भी मिल जाएगा। अजुआ खजूर से भी यहां लोध बनाए जाते हैं, कीमत 560 रुपए से शुरू होती है और 1200 रुपए तक जाती है।
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पहले प्रकाशित : 6 फरवरी, 2024, 09:31 IST
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